Saturday, October 24

बिहार के किशनगंज जिले के एक युवक को मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान 33 वर्षीय मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है। वह किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड के भँकर द्वारी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच एजेंसी उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और टेलीग्राम गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।

उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी सामग्री और संगठन के संस्थापक मसूद अजहर के ऑडियो क्लिप मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, इन सामग्रियों की प्रकृति, उनके इस्तेमाल और आरोपी की कथित गतिविधियों को लेकर जांच के अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।

दस साल से मुंबई में रह रहा था आरोपी

रिपोर्टों के अनुसार, मोहम्मद हसन पिछले करीब दस वर्षों से मुंबई में रह रहा था। वहां वह माहिम इलाके में इत्र और परफ्यूम बेचने के साथ रैपिडो बाइक टैक्सी चलाने का काम भी करता था। मामले की जांच मुंबई एटीएस की कालाचौकी यूनिट कर रही है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और सोशल मीडिया तथा टेलीग्राम पर उसकी गतिविधियों का स्वरूप क्या था। साथ ही, कथित तौर पर बरामद सामग्री का उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों से क्या संबंध है, इसकी भी जांच की जा रही है।

किशनगंज में रहता है आरोपी का परिवार

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी के परिवार के सदस्य किशनगंज जिले के भँकर द्वारी गांव में रहते हैं। गांव में उसकी मां और भाभी के रहने की जानकारी सामने आई है, जबकि उसके पिता इलाज के सिलसिले में दिल्ली गए हुए बताए गए हैं। परिवार में छह भाई होने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है।

आरोपी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर भी जानकारी सामने आई है कि उसने हिफ्ज़-ए-कुरान की पढ़ाई की है। हालांकि, उसकी धार्मिक शिक्षा अपने आप में किसी आपराधिक गतिविधि का प्रमाण नहीं है। मामले में प्रासंगिक तथ्य जांच एजेंसी की ओर से सामने आने वाली जानकारी से ही स्पष्ट होंगे।

परिजनों ने जताई साजिश के तहत फंसाए जाने की आशंका

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी के परिजनों ने उसे साजिश के तहत फंसाए जाने की आशंका जताई है। उसके भाई शबीह अनवर का दावा है कि मोहम्मद हसन मुंबई में अपना कारोबार करता था और इत्र बेचकर आजीविका चलाता था। परिजनों ने उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए हैं।

हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, एटीएस आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और टेलीग्राम समूहों से जुड़ी गतिविधियों की जांच कर रही है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी आरोपों की वास्तविक स्थिति

इस मामले में फिलहाल आरोपी पर प्रतिबंधित संगठन से कथित संबंध रखने का आरोप है। मोबाइल फोन में किसी संगठन से जुड़ी सामग्री मिलने की बात और किसी आतंकी गतिविधि में प्रत्यक्ष संलिप्तता, दोनों अलग-अलग तथ्य हैं। इसलिए जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इसे भी पढ़े : अनंत सिंह पर JDU का बड़ा एक्शन, 6 साल के लिए पार्टी से बाहर; छीन सकती है विधायकी

Share.
Next Story
एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली झारखंड की बेटियों को आदिवासी संगठनों की ओर से किया गया सम्मानित…कप्तान सलीमा टेटे ने सरकार से पूछा- खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि कब मिलेगी?
Exit mobile version