Saturday, October 24

रजत जैन की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी जांच की आंच, ट्रिस्पी, फ्लॉप शो इवेंट एंड नोवा इंटरटेनमेंट, इल्युशन और ऑरेंज बॉक्स के नाम चर्चा में

टेक्नो पार्टियों में नशे के नेटवर्क की पड़ताल

रांची। राजधानी में ड्रग्स कांड के खुलासे और ऋषभ जैन और रजत जैन की गिरफ्तारी के बाद अब इवेंट कंपनियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आने की बात सामने आ रही है। शहर में आयोजित होने वाले बड़े इवेंट और देर रात तक चलने वाली पार्टियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रजत जैन की कंपनी ‘रेव ओडिसी’ (Rave Odyssey) रांची के कई बड़े होटलों और बार-लाउंज में इवेंट आयोजित करती थी। बताया जा रहा है कि इन आयोजनों में कुछ अन्य इवेंट कंपनियां भी उसके साथ शामिल रहती थीं। ऐसे में अब इन कंपनियों के आयोजनों और ड्रग्स नेटवर्क के बीच संबंधों की पड़ताल पर चर्चा तेज हो गई है।

ये हैं रांची की खास कम्पनियां और उनके संचालक

रांची की कुछ खास इवेंट कंपनियां हैं जो रेव ओडिसी के साथ मिलकर या स्वतंत्र रूप से लाइव कंसर्ट, टेक्नो पार्टीज का आयोजन करवाती हैं। इनमें ट्रिस्पी इवेंट कंपनी, फ्लॉप शो इवेंट एंड नोवा इंटरटेनमेंट, इल्युशन इवेंट और ऑरेंज बॉक्स इवेंट के नाम इस मामले में चर्चा में हैं। इनके संचालकों के तौर पर हर्ष सिंघानिया, आयुष अग्रवाल, अंकित कक्कड़, आकांक्षा कक्कड़, रॉनित कुकरेजा और साक्षी समेत कई सफेदपोश कारोबारियों और राजनैतिक पार्टियों से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए हैं।

रेव ओडिसी के आयोजनों से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल

रजत जैन की गिरफ्तारी के साथ ही NCB ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। लेकिन अब राज्य पुलिस भी इस पूरे मामले पर नजर बनाई हुई है साथ ही देर रात तक चलने वाले बार संचालकों से भी खास जानकारियां जुटाने की तैयारी शुरू हो गई है। रेव ओडिसी के साथ इवेंट आयोजित करने वाली दूसरी कंपनियों की भूमिका ड्रग्स नेटवर्क में किस हद तक है इसकी जांच चल रही है।
रांची के बड़े होटलों, बार-लाउंज और अन्य आयोजन स्थलों पर होने वाले लाइव कंसर्ट, टेक्नो पार्टियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच का अहम पहलू यह है कि आयोजनों की आड़ में कहीं नशीले पदार्थों की आपूर्ति तो नहीं की जा रही थी।

क्या हैं टेक्नो पार्टियां, जिनकी युवाओं में बढ़ रही लोकप्रियता?

टेक्नो पार्टियां इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक और डीजे की तेज धुन पर आधारित आयोजन होती हैं। इनमें आम तौर पर लाइव सिंगर के बजाय डीजे म्यूजिक प्रमुख होता है। ऐसी पार्टियां देर रात तक चलती हैं और युवाओं के बीच इनका आकर्षण देखा जाता है। रांची में भी देर रात तक चलने वाले कुछ आयोजनों को लेकर अब चर्चा तेज है।

आरोप है कि कुछ पार्टियों में संगीत और मनोरंजन की आड़ में शराब के साथ एमडीएमए, कोकीन और अन्य नशीले पदार्थों की उपलब्धता का खेल चलता रहा है। हालांकि, सभी टेक्नो पार्टियों को नशे या गैरकानूनी गतिविधियों से जोड़ना उचित नहीं होगा। किसी विशेष आयोजन में ड्रग्स की मौजूदगी और उसकी आपूर्ति की पुष्टि जांच तथा साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है।

रात 12 बजे के बाद की पार्टियों पर सवाल

इन आयोजनों को लेकर एक बड़ा सवाल देर रात तक चलने वाली पार्टियों का है। इनपुट के अनुसार, कुछ आयोजनों में पहले लाइव कंसर्ट या अन्य कार्यक्रम होते हैं और रात 12 बजे के बाद टेक्नो पार्टी शुरू होने की बात कही जाती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि उत्पाद विभाग के नियमों के तहत शराब परोसने की समय-सीमा का पालन हो रहा था या नहीं।

आरोप यह भी है कि कुछ पार्टियों में शराब मनमाने दाम पर उपलब्ध कराई जाती थी और नशीले पदार्थों की कथित मांग को पूरा करने के लिए अलग नेटवर्क काम करता था। एमडीएमए, कोकीन और ब्राउन शुगर जैसे पदार्थों का नाम भी इस संदर्भ में सामने आया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित आयोजनों में वास्तविक गतिविधियों का पता लगाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

रांची और आसपास के इन स्थानों पर होने वाली पार्टियों की चर्चा?

इनपुट में कुछ ऐसे स्थानों का उल्लेख किया गया है, जहां टेक्नो पार्टियों या देर रात होने वाले आयोजनों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इनमें फार्म हाउस, रिजॉर्ट, जंगल के आसपास के क्षेत्र और किराये पर उपलब्ध निजी संपत्तियां शामिल हैं।

चर्चा में आए स्थानों की सूची इस प्रकार है:

1.नामकुम: ओझा फार्म हाउस के पास का इलाका।

2.खूंटी: हुटार चौक स्थित खलखो फार्म।

3.नामकुम: होराब जंगल के आसपास का क्षेत्र।

4.कांके: नगड़ी स्थित हरिधाम फार्म हाउस।

5.रातू: सिमलिया स्थित आवीर रिजॉर्ट एंड फार्म्स।

6.निजी फ्लैट, मकान और बंगले: एयरबीएनबी ऐप के माध्यम से बुक की जाने वाली संपत्तियां, विशेष रूप से अशोकनगर, बरियातू और लालपुर का उल्लेख किया गया है।

7.शहर के बड़े होटल और बार: इनपुट में रांची के सात से आठ चर्चित होटल और बार-लाउंज का भी जिक्र है।

बड़े होटलों और निजी संपत्तियों में आयोजनों की निगरानी जरूरी

रांची में बड़े स्तर पर होने वाले इवेंट के लिए होटल, बार-लाउंज, फार्म हाउस और निजी संपत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे आयोजनों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण है। यदि किसी आयोजन में निर्धारित समय के बाद शराब परोसने या प्रतिबंधित मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के प्रमाण मिलते हैं, तो उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

ड्रग्स कांड के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि इवेंट आयोजित करने वाली कंपनियों की वास्तविक भूमिका क्या थी,  सप्लाई नेटवर्क किन लोगों तक फैला था और क्या आयोजनों के दौरान मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के लिए किसी संगठित व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया। इन सवालों के जवाब जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

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