उपशीर्षक: 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, महिलाओं के नाम एक रुपये में रजिस्ट्री की व्यवस्था बंद करने को लेकर भी घेरा
रांची। भूमि एवं भवन की रजिस्ट्री पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज के मुद्दे पर झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने भाजपा पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अपने शासनकाल में लिए गए फैसलों को नीति बताने वाली भाजपा दूसरे के फैसलों को जनविरोधी करार देती है। उन्होंने भाजपा से अपने शासनकाल के निर्णयों का हिसाब देने और आधे-अधूरे तथ्यों के आधार पर जनता को गुमराह नहीं करने की अपील की।
29 अक्टूबर को जारी बयान में ऋषीकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस आम लोगों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर गंभीर है। हालांकि, किसी भी फैसले पर सवाल उठाने से पहले उसके वास्तविक प्रभाव को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि 10 प्रतिशत सरचार्ज संपत्ति की कुल कीमत पर लगाया जा रहा है या स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क की राशि पर।
सरचार्ज के गणित पर उठाए सवाल
ऋषीकेश सिंह ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क मिलाकर एक लाख रुपये होते हैं, तो उसका 10 प्रतिशत सरचार्ज 10 हजार रुपये होगा, न कि संपत्ति की पूरी कीमत का 10 प्रतिशत। उन्होंने कहा कि दोनों स्थितियों में बड़ा अंतर है। हालांकि, अतिरिक्त शुल्क का बोझ अंततः खरीदार पर ही पड़ता है। ऐसे में सरकार को इसके आर्थिक प्रभाव की समीक्षा कर आम नागरिकों को राहत देने के विकल्पों पर विचार करना चाहिए।
एक रुपये में रजिस्ट्री योजना को लेकर भाजपा से पूछा सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने महिलाओं के नाम पर एक रुपये में रजिस्ट्री की व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा आज इस व्यवस्था का गुणगान कर रही है, लेकिन वर्ष 2017 में तत्कालीन रघुवर दास सरकार द्वारा शुरू की गई इस व्यवस्था को मई 2020 में वापस ले लिया गया था।
ऋषीकेश सिंह ने सवाल किया कि तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस योजना को बंद क्यों किया? उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण केवल भाषणों से नहीं, बल्कि प्रभावी नीतियों से होता है। कांग्रेस महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देने और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान करने वाली व्यवस्थाओं की पक्षधर है।
नगर निकायों की जरूरत और जनता पर बोझ, दोनों पर हो विचार
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि नगर निकायों को सड़क, नाली, पेयजल और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संसाधनों की जरूरत होती है। लेकिन राजस्व बढ़ाने के नाम पर आम जनता की जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से अतिरिक्त राशि के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही भाजपा से सवाल किया कि यदि वह वास्तव में जनहित की पक्षधर है, तो केवल विरोध करने के बजाय जनता को राहत देने के लिए ठोस विकल्प भी सामने रखे।
जनता को राहत चाहिए, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उनकी पार्टी आम लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाले फैसलों पर सवाल उठाती रहेगी। उन्होंने भाजपा से अपने शासनकाल के फैसलों का जवाब देने और जनता को गुमराह करने की राजनीति छोड़ने को कहा।
