उपशीर्षक: 31 अक्टूबर को डोरंडा के गांधी मैदान में होगा ऐतिहासिक राम भरत मिलाप समारोह, 1971 से चली आ रही है आयोजन की परंपरा
रांची। श्री राम भरत मिलाप समिति, रांची की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। रोहित शारदा को समिति का अध्यक्ष, नम्रता सोनी को महामंत्री और पुरुषोत्तम विजय को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, बादल सिंह को मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता बनाया गया है। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही आगामी 31 अक्टूबर को डोरंडा बाजार स्थित गांधी मैदान में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक श्री राम भरत मिलाप समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
समिति ने संगठन को मजबूत बनाने और समारोह के आयोजन को व्यापक स्वरूप देने के उद्देश्य से विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों और विशेष आमंत्रित सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी है।
कई गणमान्य लोग मुख्य संरक्षक मंडल में शामिल
समिति के मुख्य संरक्षक के रूप में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री रामजी लाल सरदा, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, दीपक प्रकाश, आदित्य साहू, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सिंह, नवीन जायसवाल, अजय मारू, महेश पोद्दार, दीपक बांका, रोशनी खलखो, नीरज कुमार और संजीव विजयवर्गीय सहित अन्य गणमान्य लोगों को शामिल किया गया है।
वहीं, संरक्षक मंडल में बीके विजय, सरदार अशोक सिंह, जय नारायण विजय, सुरेश प्रसाद, बलवीर जैन और डॉ. दिलीप सोनी को स्थान दिया गया है।
उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
समिति में महेश विजय, अनूप वर्मन, प्रिय पांडेय, प्रिया सिन्हा और पीयूष विजय को उपाध्यक्ष बनाया गया है। मंत्री मंडल में सौरभ विजय, विवेक आर्य, संजय सिंह, मीनू डांगी और जयंत मजूमदार को शामिल किया गया है।
सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी प्रभात रंजन और जितेंद्र बरनवाल को दी गई है। वहीं, आरके गुप्ता और प्रीति कुमारी को कार्यालय मंत्री बनाया गया है। कार्यकारिणी में ऋषभ रामपुरिया, राघव शारदा और रामचंद्र अग्रवाल सहित विभिन्न सदस्यों को शामिल किया गया है। इसके अलावा मारवाड़ी युवा मंच के पदेन सदस्यों, अन्य कार्यकारिणी सदस्यों और विशेष आमंत्रित सदस्यों को भी आयोजन की जिम्मेदारियों से जोड़ा गया है।
1971 से जारी है राम भरत मिलाप समारोह की परंपरा
समिति की ओर से 31 अक्टूबर को डोरंडा बाजार के गांधी मैदान में ऐतिहासिक श्री राम भरत मिलाप समारोह आयोजित किया जाएगा। वर्ष 1971 से लगातार आयोजित हो रहा यह समारोह रांची की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समारोह में भगवान श्रीराम और उनके अनुज भरत के पवित्र मिलन को भव्य झांकी के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रीराम-भरत मिलाप का प्रसंग त्याग, मर्यादा, समर्पण, भाईचारे और निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक है। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करना है।
श्रद्धालुओं से समारोह में शामिल होने की अपील
समिति ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से 31 अक्टूबर को गांधी मैदान, डोरंडा बाजार में आयोजित होने वाले समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद समिति आयोजन को सफल बनाने और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने की तैयारियों में जुट गई है।
