उपशीर्षक: 24 जिलों के करीब 7 हजार विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, गायन और नृत्य में हुनर दिखाएंगे चयनित प्रतिभागी; राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ करेंगे प्रतिभा का मूल्यांकन
रांची। झारखंड के स्कूली बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को बड़ा मंच मिलने जा रहा है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से आयोजित ‘झारखंड स्कूल आइडल 2026’ का ग्रैंड फिनाले 31 अक्टूबर को रांची के ऑड्रे हाउस में होगा। इसमें राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित शीर्ष 40 प्रतिभागी गायन और नृत्य विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता के जरिए बच्चों को अपनी कला, रचनात्मकता और मंचीय कौशल दिखाने का अवसर मिलेगा।
इस आयोजन का उद्देश्य राज्य के ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए उपयुक्त मंच उपलब्ध कराना है। प्रतियोगिता में राज्यभर के विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही है। शुरुआती जिला स्तरीय मुकाबलों से लेकर प्रमंडलीय प्रतियोगिताओं तक हजारों बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
24 जिलों में हुई प्रतियोगिता, 288 प्रतिभागी पहुंचे प्रमंडलीय स्तर पर
झारखंड स्कूल आइडल के तहत 14 से 16 अक्टूबर तक राज्य के सभी 24 जिलों में जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें लगभग 7,000 नवोदित कलाकारों ने हिस्सा लिया। इसके बाद 22 से 26 अक्टूबर तक जमशेदपुर, हजारीबाग, दुमका, रांची और पलामू में प्रमंडलीय स्तर की प्रतियोगिताएं हुईं। इन मुकाबलों में चयनित 288 प्रतिभागियों ने गायन और नृत्य में अपनी कला का प्रदर्शन किया।
राज्य स्तरीय चरण में 29 और 30 अक्टूबर को रांची स्थित झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) परिसर में चयनित प्रतिभागियों के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही एलिमिनेशन राउंड के माध्यम से ग्रैंड फिनाले के लिए शीर्ष 40 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।
प्रसिद्ध कलाकार करेंगे प्रतिभाओं का मूल्यांकन
ग्रैंड फिनाले में गायन और नृत्य विधाओं के प्रतिभागियों का मूल्यांकन प्रतिष्ठित कलाकारों एवं विशेषज्ञों का निर्णायक मंडल करेगा।
गायन विधा के निर्णायक मंडल में मुंबई के जी म्यूजिक प्रोड्यूसर असलम खान, प्लेबैक सिंगर एवं महुआ चैनल की विजेता ममता रावत और जी बांग्ला की विजेता दोयेल गोस्वामी शामिल हैं।
वहीं, नृत्य विधा में बूगी वूगी और डांस इंडिया डांस से पहचान बनाने वाली अलीशा सिंह, झारखंड की अभिनेत्री प्रिया वर्मा, हिप हॉप इंडिया के विजेता राहुल भगत और शास्त्रीय नृत्यांगना गार्गी मलकानी प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे। अनुभवी निर्णायकों की मौजूदगी से प्रतिभागियों को अपनी कला का प्रदर्शन करने के साथ विशेषज्ञों के सामने हुनर दिखाने का अवसर मिलेगा।
ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना लक्ष्य
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग ने कहा कि झारखंड स्कूल आइडल 2026 का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन देकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देती है। कार्यक्रम के सफल संचालन और आयोजन की रूपरेखा तैयार करने में भारतीय लोक कल्याण संस्थान तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहा है। अब सभी की निगाहें 31 अक्टूबर को होने वाले ग्रैंड फिनाले पर टिकी हैं, जहां चयनित प्रतिभागी अपनी कला से निर्णायकों और दर्शकों को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।
