Tuesday, October 13

रांची। जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं को रद करने के फैसले पर हाई कोर्ट की रोक के बाद छात्रों का आंदोलन अब सियासी रंग ले चुका है। शुक्रवार शाम रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर पुतला दहन के दौरान हुए हंगामे को लेकर भाजपा और झामुमो आमने-सामने आ गए हैं।

क्या है मामला ?

दरअसल जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले सैकड़ों अभ्यर्थी मोरहाबादी से जुलूस निकालकर पुतला दहन करने अल्बर्ट एक्का चौक की ओर जा रहे थे। रांची विश्वविद्यालय के पास एक युवक ने भीड़ में घुसकर पुतला छीनने की कोशिश की, जिसका विरोध करने पर उसने एक छात्रा के साथ धक्का-मुक्की की और थप्पड़ मार दिया। इससे आक्रोशित अभ्यर्थियों ने युवक की पिटाई कर दी। इसके बाद शहीद चौक पर पुतला दहन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई, जिसमें पुलिस बल प्रयोग में रविंद्र पासवान और कुणाल नामक दो छात्र घायल हुए, जिन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूरा क्षेत्र करीब पांच घंटे तक हंगामेदार रहा और यातायात प्रभावित हुआ।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने WhatsApp का हवाला दिया

घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक कथित WhatsApp मैसेज का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भीड़ जुटाने के लिए ‘इमरजेंसी कॉल’ दिया गया था, हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने छात्राओं के साथ कथित अभद्रता को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला और जवाबदेही तय करने की मांग की।

झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने किया पलटवार

इसके जवाब में झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रदर्शन में असली छात्रों से ज्यादा कोचिंग संचालकों और भाजपा से जुड़े लोगों की मौजूदगी थी और छात्रों को गुमराह कर आंदोलन को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। छात्र नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा विवाद और भर्ती में पारदर्शिता को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Share.
Next Story
झारखंड एडवोकेट एसोसिएशन चुनाव के लिए मतगणना जारी, 72 फीसदी वकीलों ने डाले वोट
Exit mobile version