रांची । भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सक्रिय नेता और प्रदेश अध्यक्ष पद के आगामी चुनाव की दौड़ में प्रमुख दावेदार माने जा रहे भाजपा नेता श्रीनिवास को सोमवार को रांची के कांके थाना क्षेत्र से पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। आज भी आंदोलन की बैठक में शामिल होने के लिए जाते हुए श्रीनिवास को कांके से पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. हाल में ही हुए सीआरपीएफ जवान की मौत के बाद श्रीनिवास ने चतरा में आंदोलन शुरू किया था. हालांकि, हिरासत में लिए जाने के पीछे पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि श्रीनिवास पिछले कई दिनों से झारखंड में कथित अवैध कोयला परिवहन और खनन के खिलाफ लगातार मुखर रहे हैं। वे इस मुद्दे को लेकर लगातार आंदोलन, धरना और जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। सोमवार को भी वे इसी विषय पर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान कांके क्षेत्र में पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में चतरा जिले में एक सीआरपीएफ जवान की मौत के बाद श्रीनिवास ने वहां की कानून-व्यवस्था और अवैध गतिविधियों को लेकर आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंचों से आरोप लगाया कि अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका कहना रहा है कि राज्य में अवैध खनन और कोयले की तस्करी के कारण सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है और आम लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।
श्रीनिवास लगातार सोशल मीडिया और जनसभाओं के माध्यम से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। उनके समर्थकों का दावा है कि वे अवैध कारोबार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं और इसी कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और पूछताछ पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
श्रीनिवास को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आते ही उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में हलचल तेज हो गई। कई कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताते हुए विरोध जताया है। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले को कानून के दायरे में रहकर देखा जा रहा है और किसी भी व्यक्ति के साथ नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद के संभावित चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि श्रीनिवास की सक्रियता और संगठन में बढ़ती पकड़ के कारण वे प्रदेश राजनीति में एक उभरते हुए युवा चेहरे के रूप में सामने आए हैं। ऐसे समय में उनकी हिरासत ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
फिलहाल पुलिस की पूछताछ जारी है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पूछताछ के बाद श्रीनिवास को रिहा किया जाएगा या उनके खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आने का भी इंतजार किया जा रहा है।
