Friday, November 6

डीआरएम करुणा निधि सिंह ने पेंशनर समाज के प्रतिनिधिमंडल को दिया आश्वासन, स्टेशन के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया; पैसेंजर ट्रेनों का फेरा बढ़ाने और अतिरिक्त ट्रेन चलाने की भी उठी मांग

रांची-लोहरदगा रेलखंड पर स्थित इटकी रेलवे स्टेशन की बदहाली दूर होने की उम्मीद जगी है। आने वाले दिनों में इस स्टेशन को मॉडल और खूबसूरत रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना है। इस संबंध में रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणा निधि सिंह ने पेंशनर समाज इटकी के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि इटकी रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार के लिए रेलवे की ओर से प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद स्टेशन के विकास का रास्ता साफ हो सकेगा।

दरअसल, इटकी रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। स्टेशन पर यात्रियों को होने वाली परेशानियों और पैसेंजर ट्रेनों के सीमित परिचालन को लेकर पेंशनर समाज के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन की स्थिति सुधारने के साथ यात्रियों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।

छह घंटे के ट्रेन अंतराल से यात्रियों को परेशानी

डीआरएम से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने रांची-लोहरदगा रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन में लंबे अंतराल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, रांची से लोहरदगा के लिए सुबह 8:55 बजे के बाद अगली ट्रेन दोपहर 2:55 बजे उपलब्ध होती है। इसी तरह लोहरदगा से रांची के लिए सुबह 7:55 बजे के बाद अगली ट्रेन दोपहर 12:55 बजे मिलती है।

ट्रेनों के बीच करीब छह घंटे का अंतराल होने से इस रेलखंड के छोटे स्टेशनों पर निर्भर यात्रियों को काफी परेशानी होती है। खासकर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और रोजमर्रा के काम से यात्रा करने वाले लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यदि किसी यात्री की सुबह की ट्रेन किसी कारणवश छूट जाती है, तो उसे अगली ट्रेन के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ता है। इससे यात्रियों का पूरा दिन प्रभावित होता है।

अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेन और ट्रेनों का फेरा बढ़ाने की मांग

यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने रांची और लोहरदगा के बीच मौजूदा ट्रेनों के समय अंतराल में कमी लाने की मांग की। सुबह और दोपहर के बीच एक अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेन चलाने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा वर्तमान में संचालित पैसेंजर ट्रेनों का फेरा बढ़ाने की भी मांग रखी गई, ताकि छोटे स्टेशनों के यात्रियों को आवागमन के लिए अधिक विकल्प मिल सकें।

प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि इस रेलखंड पर ट्रेन सेवाओं में सुधार होने से इटकी समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिलेगी।

कंप्यूटरीकृत टिकट काउंटर और यात्री विश्राम गृह की मांग

ट्रेन परिचालन के अलावा इटकी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन पर कंप्यूटरीकृत टिकट काउंटर स्थापित करने और यात्रियों के लिए विश्राम गृह का निर्माण कराने की मांग की। उनका कहना था कि वर्तमान में स्टेशन पर पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं नहीं होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है।

केंद्र को भेजा गया है जीर्णोद्धार का प्रस्ताव

प्रतिनिधिमंडल की मांगों को सुनने के बाद डीआरएम करुणा निधि सिंह ने बताया कि इटकी रेलवे स्टेशन के विकास और जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति मिलेगी। इसके बाद स्टेशन को बेहतर स्वरूप देने और यात्रियों के लिए सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम किया जा सकेगा।

इस मुलाकात के बाद स्थानीय लोगों में स्टेशन के विकास और यात्री सुविधाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, अतिरिक्त ट्रेन परिचालन, ट्रेनों का फेरा बढ़ाने और अन्य सुविधाओं को लेकर अभी रेलवे की ओर से कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है।

डीआरएम से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में विनोद कुमार सिन्हा, तस्नीम अहमद, किशोर गोप, इजाजूल हक, नुरूल हक और अलीहसन अंसारी शामिल थे।

Share.
Next Story
रांची के धुर्वा में युवक का शव मिलने से हड़कंप, हत्या कर साक्ष्य छिपाने के लिए शव फेंके जाने की आशंका
Exit mobile version