रांची: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच में गिरफ्तार किए गए तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अभय कुमार तिवारी के परिवार के दो सदस्यों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अभय कुमार तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को CID ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
दोनों की गिरफ्तारी 18 अगस्त को लंबी पूछताछ के बाद की गई थी। इसके बाद CID ने मामले से जुड़े तथ्यों और कथित नेटवर्क को लेकर दोनों से पूछताछ की। सोमवार को रिमांड समाप्त होने पर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
जांच की शुरुआत अभय तिवारी की गिरफ्तारी से
इस मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई इससे पहले 21-22 जुलाई की दरमियानी रात तेज हुई थी, जब CID ने पोड़ैयाहाट से अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज तिवारी को गिरफ्तार किया था। अभय उस समय पोड़ैयाहाट के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर थे।
CID की जांच का प्रमुख हिस्सा 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। जांच के दौरान अभय कुमार तिवारी का नाम सामने आया। बताया गया कि वह पूर्व में TDPL कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम कर चुके हैं। इसी कंपनी को 14वीं JPSC PT सहित JPSC और JSSC की कई प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी मिली थी।
जांच में उप परीक्षा नियंत्रक का नाम भी आया
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ JPSC की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का नाम भी सामने आया। जांच एजेंसी के अनुसार, श्वेता गुप्ता और अभय कुमार तिवारी के निर्देश पर एजेंट सरकारी नौकरी में कथित सेटिंग के लिए अभ्यर्थियों की तलाश करते थे।
CID अब इस कथित नेटवर्क में अलग-अलग लोगों की भूमिका और उनके बीच संपर्क की भी जांच कर रही है।
12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास करने का दावा
जांच के दौरान अभय कुमार तिवारी को लेकर एक और तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। एजेंसी की जांच के मुताबिक, उन्होंने 2013 से अब तक 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास कीं। इसके अलावा JSSC-CGL के जरिए उनके कई रिश्तेदारों को नौकरी दिलाए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े इस मामले में 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। CID की जांच में अब कथित परीक्षा नेटवर्क, अभ्यर्थियों से संपर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


