देशभर में चर्चा का विषय बना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के शुद्धिकरण प्रकरण अब झारखंड की राजनीति में भी गूंजने लगा है। उत्तराखंड के हल्द्वानी में खड़गे की जनसभा संपन्न होने के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित रूप से शुद्धिकरण किए जाने की घटना ने पूरे देश में विवाद खड़ा कर दिया था, और अब इसकी आंच रांची तक पहुंच गई है। इस मामले को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई है।
प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत किशोर ने क्या कहा ?
विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत किशोर ने थाने में शिकायत सौंपते हुए कहा कि मीडिया रिपोर्टों और सार्वजनिक रूप से वायरल हुए वीडियो के आधार पर यह साफ नजर आता है कि सभा स्थल के शुद्धिकरण की कार्यवाही श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से संबद्ध लोगों द्वारा अंजाम दी गई। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की जातिगत पहचान के चलते उसके कार्यक्रम स्थल को “शुद्ध” करने जैसी घटना महज एक व्यक्ति विशेष का अपमान नहीं, बल्कि पूरे अनुसूचित जाति समाज की गरिमा और उनके संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
खड़गे न सिर्फ एक राष्ट्रीय दल के मुखिया हैं, बल्कि…….
प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि खड़गे न सिर्फ एक राष्ट्रीय दल के मुखिया हैं, बल्कि अनुसूचित जाति समाज के एक बड़े प्रतिनिधि चेहरे भी हैं, और इसी वजह से यह घटना पूरे समुदाय की भावनाओं से जुड़ गई है। उन्होंने बताया कि झारखंड में भी अनुसूचित जाति समाज के लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष और आहत भावना व्याप्त है। शिकायत में पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और जातिगत भेदभाव व अस्पृश्यता को बढ़ावा देने वाली गतिविधि सिद्ध होने पर कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।


