बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं, इसकी बानोगी शुक्रवार की रात देखने को मिली। जिले के सबसे सुरक्षित और वीआईपी माने जाने वाले इलाके यानी एसपी कार्यालय के ठीक सामने अपराधियों ने दुस्साहस की सभी हदें पार करते हुए एक दंपती पर जानलेवा हमला कर दिया। आधी रात को हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे शहर में दहशत का माहौल है।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, बोकारो के सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत एसपी कार्यालय के बिल्कुल सामने एक लिट्टी की दुकान है। इस दुकान के अंदर अनिल गोस्वामी और उनकी पत्नी शांति देवी सो रहे थे। शुक्रवार की आधी रात को एक अज्ञात हमलावर वहां पहुंचा और उसने दुकान का दरवाजा जबरन तोड़ दिया। इसके बाद वह अंदर दाखिल हुआ और सोते हुए दंपती पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए। इस अचानक हुए हमले में दोनों पति-पत्नी बुरी तरह लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित अनिल गोस्वामी का मोबाइल फोन लेकर मौके से फरार हो गया।
भतीजी ने बताई आंखों देखी बात
इस घटना के संबंध में घायल दंपती की भतीजी सुनीता कुमारी ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि उनके चाचा और चाची कमरे के अंदर सो रहे थे। तभी अचानक एक अज्ञात युवक ने गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया और दोनों पर चाकू से अंधाधुंध प्रहार शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले में वे संभल नहीं पाए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में भर्ती और पुलिस की तफ्तीश
वारदात के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की गहराई से छानबीन कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जघन्य हमले के पीछे की मुख्य वजह क्या थी—क्या यह केवल लूटपाट का मामला है या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश जुड़ी है। साथ ही, आरोपी की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जिले के पुलिस मुख्यालय यानी एसपी कार्यालय के मुहाने पर इस तरह की दुस्साहसिक घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन और नाइट गश्त की सुरक्षा व्यवस्था पर बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जब वीआईपी जोन ही सुरक्षित नहीं है, तो आम इलाकों का क्या हाल होगा, यह शहरवासियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
