बोकारो: किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने और कृषि योग्य भूमि एवं जलस्रोतों के संरक्षण को लेकर डीसी अजय नाथ झा ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाई जाए, ताकि पात्र लाभुकों को समय पर इसका लाभ मिल सके।
बुधवार को चास स्थित संयुक्त कृषि निदेशालय में भूमि संरक्षण प्रभाग की ओर से जिला स्तरीय कृषि यंत्रीकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डीसी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान किसानों के बीच ट्रैक्टर एवं पंप सेट का वितरण किया गया।
डीसी ने कहा कि जिले में मात्र 17 प्रतिशत कृषि क्षेत्र में ही सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में वर्षा जल का अधिकतम संचयन और जलस्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने ‘खेत का पानी खेत में ही रहे’ की अवधारणा को जमीन पर उतारने पर जोर दिया। साथ ही मनरेगा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण से जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को कृषि योग्य भूमि के संरक्षण, अनुपयोगी ऊंची जमीन को खेती योग्य बनाने और निजी एवं सरकारी तालाबों के विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। डीसी ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए।
वहीं, सहायक निदेशक विवेक मिश्रा ने कृषि यंत्रीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आधुनिक कृषि उपकरणों से खेती में लगने वाला समय, श्रम और लागत कम होगी। मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना के तहत पात्र किसान समूहों, स्वयं सहायता समूहों, लैम्प्स, एफपीओ और समितियों को ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना के तहत ट्रैक्टर पर 50 से 80 प्रतिशत और कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। अधिकतम पांच लाख रुपये तक अनुदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के अलावा उप निदेशक पीआरडी रवि कुमार, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी शशि रंजन, विभागीय अधिकारी, कर्मी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
