Saturday, October 24

रांची: झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और दिल्ली के लोकायुक्त हरीश चंद्र मिश्रा का गुरुवार, 3 सितंबर की सुबह नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद झारखंड के न्यायिक क्षेत्र में शोक की लहर है।

जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा का झारखंड से लंबे समय तक गहरा जुड़ाव रहा। झारखंड के गठन के बाद वर्ष 2000 में उन्होंने झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस से अपने न्यायिक करियर की शुरुआत की। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य के अलग-अलग महत्वपूर्ण न्यायिक पदों पर जिम्मेदारी संभाली।

देवघर से लेकर रांची तक निभाई अहम जिम्मेदारी

हरीश चंद्र मिश्रा ने देवघर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में काम किया। इसके बाद रांची में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के तौर पर चारा घोटाला मामलों की सुनवाई की। उन्होंने देवघर और चाईबासा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।

न्यायिक सेवा के दौरान उन्होंने झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के सदस्य सचिव की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके अलावा वे झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल भी रहे।

अप्रैल 2011 में हाईकोर्ट के जज बने

न्यायिक क्षेत्र में उनके काम और अनुभव को देखते हुए अप्रैल 2011 में उन्हें झारखंड हाईकोर्ट के जज के पद पर पदोन्नत किया गया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

अगस्त 2019 से नवंबर 2019 तक उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उन्होंने हाईकोर्ट के कामकाज का नेतृत्व किया।

झारखंड से अपने लंबे और महत्वपूर्ण न्यायिक जुड़ाव के कारण जस्टिस एच.सी. मिश्रा की पहचान राज्य के न्यायिक क्षेत्र में एक अहम नाम के तौर पर रही। उनके निधन से न्यायपालिका से जुड़े लोगों में शोक का माहौल है।

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