रांची: चंपारण सत्याग्रह के प्रणेता, स्वतंत्रता सेनानी और किसान चेतना के अग्रदूत पंडित राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती के अवसर पर रांची प्रेस क्लब में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हिंदी साहित्य भारती, झारखंड और पंडित राजकुमार शुक्ल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
समारोह में वक्ताओं ने पंडित राजकुमार शुक्ल के योगदान को याद करते हुए केंद्र सरकार से उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि चंपारण सत्याग्रह में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही और किसान हितों के लिए उनके संघर्ष को हमेशा याद किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रांची विधायक सी.पी. सिंह ने पंडित राजकुमार शुक्ल के जीवन, संघर्ष और चंपारण सत्याग्रह में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने उनके योगदान को देश के स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
वहीं, अजय राय ने रांची के ऐतिहासिक गांधी-गेट वार्ता प्रसंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1917 में रांची में महात्मा गांधी और तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर सर एडवर्ड गेट के बीच चंपारण के किसानों के मुद्दे को लेकर हुई महत्वपूर्ण बातचीत को इतिहास में उचित स्थान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चंपारण के किसानों की आवाज को पंडित राजकुमार शुक्ल ने महात्मा गांधी तक पहुंचाया और इसके बाद चंपारण सत्याग्रह ने किसान आंदोलन की दिशा को प्रभावित किया।
समारोह के दौरान पंडित राजकुमार शुक्ल के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उनके ऐतिहासिक संघर्ष को व्यापक स्तर पर सामने लाने पर भी जोर दिया गया।
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