Friday, October 2

नई दिल्ली में राज्यसभा सांसद ने किया नमन, कहा- अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सेवा और विकास पहुंचाना ही सच्ची श्रद्धांजलि

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, विचारों और राष्ट्रसेवा में उनके योगदान को याद किया।

डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का पूरा जीवन राष्ट्रसेवा, जनसेवा और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके विचारों में समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास और सेवा का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया था।

एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचारों को किया याद

पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ के विचार आज भी समाज और राष्ट्र के विकास को लेकर चर्चा में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनके अनुसार, इन विचारों का केंद्र समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण की पहुंच सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित और समाजसेवा को प्राथमिकता दी। उनका जीवन सादगी, विचारों के प्रति प्रतिबद्धता और संगठन के प्रति समर्पण से जुड़ा रहा।

‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को बताया प्रेरणास्रोत

डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि उनके विचार और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी प्रतिबद्धता आज भी लोगों को सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती है।

उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता को सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाया। उनके विचारों में व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के बीच समन्वय की बात प्रमुख रूप से सामने आती है।

डॉ. वर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास ही उनके प्रति वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।

जयंती पर विचारों और योगदान को किया गया स्मरण

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर देशभर में उनके जीवन और विचारों को याद किया गया। इसी क्रम में डॉ. प्रदीप वर्मा ने नई दिल्ली में पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को समझना और उन्हें सामाजिक जीवन में लागू करने का प्रयास करना उनके प्रति सम्मान का महत्वपूर्ण माध्यम है। उनके अनुसार, समाज के जरूरतमंद और अंतिम व्यक्ति तक सेवा एवं विकास की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर काम किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर डॉ. प्रदीप वर्मा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राष्ट्रसेवा और समाजसेवा से जुड़े योगदान को स्मरण करते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

Share.
Next Story
जमशेदपुर: साकची गोलचक्कर पर ट्रैफिक विवाद को लेकर किन्नरों और पुलिसकर्मियों में भिड़ंत
Exit mobile version