बीजिंग, चीन: पूर्वी चीन के फुजियान प्रांत के जिनजियांग शहर में स्थित हुईटेंग शू कंपनी की फैक्ट्री में भयावह आग लगने से कम से कम 28 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने तुरंत एक संयुक्त राहत एवं बचाव दल को घटनास्थल पर भेजा और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया। चीन की जूता फैक्ट्री में आग की यह घटना औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, आग गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे फैक्ट्री के ग्राउंड फ्लोर पर लगी। देखते ही देखते, आग ने विकराल रूप ले लिया और कई मंजिलों तक फैल गई। सामने आए विचलित कर देने वाले वीडियो फुटेज में बहुमंजिला इमारत का अगला हिस्सा पूरी तरह से जला हुआ दिखाई दिया, जबकि पूरी इमारत घने काले और सफेद धुएं से घिरी हुई थी। यह मंजर इतना भयानक था कि स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
हाहाकार और मची तबाही: चीन की जूता फैक्ट्री में आग
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आग लगने के दौरान कुछ कर्मचारी इमारत की छत पर फंस गए थे। इन फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें बचाव दल ने अदम्य साहस का परिचय दिया। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल था, हर कोई अपने प्रियजनों की सलामती के लिए दुआ कर रहा था। बचावकर्मी जान जोखिम में डालकर लोगों को बाहर निकालने में जुटे थे।
फैक्ट्री में आग लगने के समय कुल 237 कर्मचारी और दो आगंतुक मौजूद थे। राहत दल ने त्वरित और प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए 213 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, मृतकों में दो लोग ऐसे भी थे जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घायलों की सटीक संख्या और उनकी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी अभी साझा नहीं की गई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
इस दुखद घटना पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को बचाव कार्य में कोई कमी न छोड़ने के सख्त निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति ने हादसे के कारणों की शीघ्र और निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार लोगों की पहचान करने तथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, जिससे पीड़ितों को न्याय मिल सके।
मालिक हिरासत में: जवाबदेही की पहली कड़ी
प्रारंभिक जांच के बाद, फैक्ट्री के मालिक और दूसरे इंचार्ज को तत्काल हिरासत में ले लिया गया है। जांच को प्रभावित होने से रोकने के लिए कंपनी के बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया था या किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री के ग्राउंड फ्लोर पर बड़ी मात्रा में जूता निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री रखी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इसी कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और नियंत्रण से बाहर हो गई। मौके पर रखे चिपकने वाले रसायनों और अन्य सामान से इतनी तेज गंध फैल गई कि राहतकर्मियों की आंखों में जलन होने लगी, जिससे बचाव अभियान और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।
फायर विभाग के अधिकारियों ने यह भी बताया कि सीढ़ियों पर भी काफी मात्रा में सामान रखा गया था। यह एक गंभीर सुरक्षा उल्लंघन है, जिसने कर्मचारियों को बाहर निकलने और आग बुझाने के अभियान में बाधा डाली। इससे साफ पता चलता है कि फैक्ट्री में सुरक्षा प्रोटोकॉल का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा था। यह घटना चीन में औद्योगिक सुरक्षा के ढीले-ढाले नियमों की ओर इशारा करती है, जहां अक्सर आर्थिक विकास को सुरक्षा पर प्राथमिकता दी जाती है।
जिनजियांग को चीन की “जूता राजधानी” के रूप में जाना जाता है और यह जूते तथा वस्त्र निर्माण का एक बड़ा औद्योगिक केंद्र है। ऐसे में चीन की जूता फैक्ट्री में आग की इस घटना ने पूरे देश में औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों के महत्व को उजागर किया है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) जैसे संगठन कार्यस्थल सुरक्षा के लिए कड़े दिशानिर्देशों का समर्थन करते हैं, जिनका पालन औद्योगिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक है। आप औद्योगिक सुरक्षा मानकों के बारे में यहाँ अधिक पढ़ सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद प्रशासन विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा, उम्मीद है कि इससे भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
