भारतीय कप्तान स्मित मच्छर पर कॉकपिट में किया हमला, विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश; यात्रियों और अतिरिक्त पायलट की मदद से टला बड़ा हादसा
फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान विमान को हाईजैक करने की कोशिश और भारतीय पायलट पर हमले के मामले में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अभियोजन पक्ष ने शनिवार को बड़ा खुलासा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, ओमान के नागरिक सह-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में भारतीय कप्तान स्मित मच्छर पर क्रैश कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। UAE के अभियोजन पक्ष ने इस घटना को आतंकवादी हमला करने का प्रयास बताया है।
सह-पायलट ने कुल्हाड़ी से किया हमला
यह घटना 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कॉकपिट के भीतर कप्तान स्मित मच्छर पर क्रैश कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इसके बाद उसने विमान के नियंत्रण को अपने हाथ में लेने का प्रयास किया।
UAE के अभियोजन पक्ष के प्रमुख हमद सैफ अल शम्सी ने बताया कि जांच में हमले और विमान का नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की पुष्टि हुई है। यह पहली बार है जब UAE के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इस घटना को आतंकवादी कृत्य की कोशिश बताया है। हालांकि, आरोपी की मंशा और घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।
तेजी से नीचे गिरने लगा विमान
हमले के दौरान विमान की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों के मुताबिक, विमान लगभग 30 सेकंड में करीब 16,000 फीट नीचे चला गया था। कॉकपिट में हुए हमले के बावजूद घायल कप्तान ने मदद पाने के लिए दरवाजा खोलने की कोशिश की।
इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप कर आरोपी को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के एक अतिरिक्त पायलट ने नियंत्रण संभाला। इसके बाद विमान की दिशा बदलकर सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। विमान में 170 से अधिक यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे।
भारतीय कप्तान की सूझबूझ से बची यात्रियों की जान
हमले में घायल कप्तान स्मित मच्छर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने मदद हासिल करने का प्रयास किया, जिससे अन्य लोगों को कॉकपिट तक पहुंचकर स्थिति संभालने का मौका मिला। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए अबू धाबी के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल में उपचार करा रहे कप्तान से बातचीत की थी। इस घटना ने विमान में चालक दल की सुरक्षा और उड़ान के दौरान कॉकपिट में होने वाली गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आरोपी से पूछताछ, जांच जारी
घटना के बाद आरोपी को सऊदी अरब में विमान की लैंडिंग के बाद हिरासत में लिया गया और बाद में UAE ले जाया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले के पीछे क्या उद्देश्य था, आरोपी ने विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश क्यों की और क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में आरोपी की पिछली पृष्ठभूमि और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन पहलुओं पर जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक निष्कर्ष सामने आएंगे।
फ्लाईदुबई ने कहा है कि घटना की परिस्थितियों की आधिकारिक जांच चल रही है और वह संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है।
UAE के ताजा बयान के बाद यह मामला केवल कॉकपिट में हुए हमले तक सीमित नहीं रहा है। अभियोजन पक्ष ने इसे आतंकवादी कृत्य की कोशिश बताया है। अब जांच का मुख्य फोकस आरोपी की मंशा, विमान को अपने नियंत्रण में लेने के प्रयास और संभावित संपर्कों पर है।


