पटना। पटना में मंगलवार को टीआरई-4 अभ्यर्थियों सहित कई छात्र संगठनों ने सीएम आवास के घेराव के लिए गांधी मैदान से मार्च निकाला। छात्रों की मुख्य मांग है कि परीक्षा एक ही चरण में हो और निगेटिव मार्किंग हटाई जाए। कुछ छात्र 70वीं बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर भी शामिल हुए। पुलिस-प्रशासन ने जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग की थी, लेकिन छात्रों ने इसे तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। भीड़ को रोकने के लिए डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, और बैरिकेड पार करने वाले कई छात्रों को हिरासत में लेकर कोतवाली थाने ले जाया गया।
हिरासत में लिए गए छात्र का आरोप
हिरासत में लिए गए एक छात्र ने पुलिस पर बल-प्रयोग और अभद्र व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया।कुछ छात्रों ने तय मार्ग बदलकर एसपी वर्मा रोड होते हुए डाकबंगला पहुंचने की कोशिश की, जिसका प्रशासन को पहले अंदाजा नहीं था।
शिक्षा मंत्री का बयान
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना बोर्ड परीक्षा दिए वे परीक्षा प्रणाली पर सुझाव दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रों की अधिकांश मांगें पहले ही मान ली गई हैं और बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं।
समर्थन और प्रशासनिक रुख
आरजेडी सहित करीब 13-14 छात्र संगठनों ने इस घेराव को समर्थन दिया है। एसडीपीओ (लॉ एंड ऑर्डर) ने कहा कि प्रशासन छात्रों से सकारात्मक बातचीत कर रहा है, लेकिन आगे बढ़ने की कोशिश पर रोकने की बात दोहराई। छात्र नेता दिलीप कुमार ने स्पष्ट किया कि पीटी-मेन्स-सीडीपी प्रस्ताव अस्वीकार है और एकल परीक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा
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