रांची। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची में अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहभागिता के तहत अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित स्टेटसन लॉ के प्रो. (डॉ.) मार्क डी. बाउअर फुलब्राइट स्पेशलिस्ट के रूप में शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल हुए हैं। उनका यह अकादमिक प्रवास 3 अक्टूबर से 11 नवंबर 2026 तक चलेगा। प्रो. बाउअर ने 3 अक्टूबर को NUSRL परिसर में अपना शैक्षणिक कार्य शुरू किया।
प्रो. बाउअर की इस सहभागिता का उद्देश्य तुलनात्मक विधि शिक्षा, फैकल्टी डेवलपमेंट और पेशेवर क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। उनके आने से NUSRL के विद्यार्थियों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के कानूनी विशेषज्ञ के साथ सीधे संवाद और अध्ययन का अवसर मिल रहा है।
Tort-II में भारत-अमेरिका के कानूनों की होगी तुलना
अपने शैक्षणिक प्रवास के दौरान प्रो. बाउअर NUSRL के बीए एलएलबी द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को Tort-II विषय पढ़ा रहे हैं। पाठ्यक्रम के तहत “Consumer Protection Law: A Comparative Perspective on India and the United States” विषय पर विशेष रूप से तुलनात्मक अध्ययन कराया जा रहा है।
इस अध्ययन के जरिए विद्यार्थियों को भारत और अमेरिका में उपभोक्ता संरक्षण कानून की व्यवस्था, उसके विभिन्न पहलुओं और कानूनी प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही छात्रों को उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े समकालीन कानूनी मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में देखने और समझने का मौका मिलेगा।
तुलनात्मक कानून अध्ययन से विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि अलग-अलग देशों में समान कानूनी विषयों को किस तरह देखा और लागू किया जाता है। इससे उनके अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ कानूनी विश्लेषण की क्षमता को भी मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
फैकल्टी के लिए 10 घंटे का FDP
प्रो. बाउअर केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेंगे। उनके शैक्षणिक प्रवास के दौरान NUSRL के शिक्षकों के पेशेवर विकास के लिए 10 घंटे का Faculty Development Programme (FDP) भी आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य फैकल्टी सदस्यों को अंतरराष्ट्रीय विधि विशेषज्ञ के साथ अकादमिक संवाद का अवसर देना और उनके अनुभवों को साझा करना है। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षण, शोध और कानूनी अध्ययन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण
विश्वविद्यालय ने प्रशासनिक कर्मचारियों के पेशेवर विकास पर भी ध्यान दिया है। इसके तहत प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए 10 घंटे का Professional Development Programme (PDP) आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में कर्मचारियों की पेशेवर क्षमता, ज्ञान और कौशल को और मजबूत करना है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ के अनुभवों के माध्यम से प्रशासनिक कार्यप्रणाली और पेशेवर दक्षता को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
CCRP की ओर से आयोजित किया जा रहा कार्यक्रम
प्रो. मार्क डी. बाउअर की यह शैक्षणिक सहभागिता NUSRL के Chair on Consumer Research and Policy (CCRP) की ओर से आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल के अनुमोदन और सहयोग से संचालित हो रहा है।
विश्वविद्यालय का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय अकादमिक कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर कानून और न्याय व्यवस्था को समझने का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं।
NUSRL में प्रो. बाउअर का यह प्रवास विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उनके शैक्षणिक सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को जहां भारत और अमेरिका के उपभोक्ता संरक्षण कानून की तुलना करने का अवसर मिल रहा है, वहीं फैकल्टी और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए भी पेशेवर विकास के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
कुल मिलाकर, फुलब्राइट स्पेशलिस्ट के रूप में प्रो. मार्क डी. बाउअर की यह सहभागिता NUSRL के विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रशासनिक समुदाय को अंतरराष्ट्रीय अनुभव, तुलनात्मक कानूनी अध्ययन और पेशेवर क्षमता निर्माण से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल है।


