राजधानी रांची के व्यस्तम इलाकों में से एक पिस्का मोड़ के पास रविवार तड़के उस समय भारी हंगामा और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पशुओं से लदा एक पिकअप वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और गश्त कर रहे युवकों ने पशु तस्करी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि उग्र भीड़ ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन में आग लगा दी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने क्रास एफआईआर दर्ज की है और दोनों पक्षों के कुल 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में शुभम सिंह, गोविंद कुमार और आदित्या शामिल हैं, जिन पर पशु तस्करी में शामिल होने का आरोप है, जबकि 6 अन्य लोगों को हिंसा और उपद्रव फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
हादसे के बाद भड़का आक्रोश
घटना रविवार सुबह की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिस्का मोड़ के पास मवेशियों से लदी एक तेज रफ्तार वैन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। वाहन के टकराते ही उसमें लदे पशु छटपटाने लगे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कुछ युवकों और स्थानीय निवासियों की नजर वैन पर पड़ी। आरोप है कि वैन में क्षमता से अधिक पशुओं को क्रूरतापूर्वक बांधकर ले जाया जा रहा था। जब युवकों ने वैन को रोककर पूछताछ करने का प्रयास किया, तो वाहन सवार लोगों के साथ उनकी तीखी बहस हो गई।
तनाव बढ़ता देख देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच अफवाह फैलते ही आसपास के और लोग भी मौके पर जमा हो गए और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
वाहन से पशुओं को बाहर निकाल लगाई आग
बवाल बढ़ता देख उग्र भीड़ ने सबसे पहले दुर्घटनाग्रस्त वैन में बंधे पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद लोगों का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने वैन में तोड़फोड़ करते हुए उसमें आग लगा दी। आग की लपटें देखकर क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस दुर्घटनाग्रस्त वैन के साथ दो अन्य पशु लदे वाहन भी चल रहे थे, जो हंगामा शुरू होते ही मौके से तेज रफ्तार में फरार होने में कामयाब रहे।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स तैनात
घटना की सूचना मिलते ही सुखदेव नगर और आसपास के थानों की पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल की गाड़ी को बुलाकर वैन में लगी आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भीड़ को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और गश्ती दल को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या दोबारा तनाव की स्थिति को रोका जा सके।
क्रास एफआईआर दर्ज: 9 लोग गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की है। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों की शिकायतों और पुलिस के अपने बयान के आधार पर क्रास एफआईआर (Cross FIR) दर्ज की है।
पशु तस्करी का मामला: पशुओं को अवैध रूप से ले जाने और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत शुभम सिंह, गोविंद कुमार और आदित्या को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इन तीनों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मवेशी कहां से लाए जा रहे थे और उन्हें कहां सप्लाई किया जाना था।
हिंसा और उपद्रव का मामला: कानून हाथ में लेने, सड़क जाम करने, मारपीट और वाहन में आगजनी करने के आरोप में क्रास एफआईआर के तहत 6 अन्य उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है।
फरार वाहनों और मुख्य सरगना की तलाश जारी
रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, फरार हुए अन्य दो पशु लदे वाहनों की तलाश के लिए शहर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर नाकाबंदी कर दी गई है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि फरार वाहनों के नंबर और उनमें सवार लोगों की पहचान की जा सके।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें। यदि किसी को अवैध गतिविधियों या पशु तस्करी की आशंका होती है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या डायल 112 पर दें। दोषी चाहे तस्करी में शामिल हों या हिंसा फैलाने में, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पिस्का मोड़ क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है।
