Tuesday, October 13

 भारतीय महिला हॉकी टीम के एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद हॉकी इंडिया ने टीम के लिए 50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। भारतीय टीम ने नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन में खेले गए 5वें-6वें स्थान के मुकाबले में दुनिया की 5वें नंबर की टीम जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया।

यह भारतीय महिला हॉकी टीम का 1974 के बाद विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 1974 में आयोजित पहले महिला हॉकी विश्व कप में भारत चौथे स्थान पर रहा था। इसके बाद 52 साल के लंबे अंतराल के बाद टीम ने विश्व कप में टॉप-5 में जगह बनाई है।

जर्मनी के खिलाफ शानदार जीत

जर्मनी के खिलाफ मुकाबले में पहले दो क्वार्टर गोलरहित रहे। इसके बाद भारतीय टीम ने तीसरे क्वार्टर में शानदार आक्रामक खेल दिखाया। इशिका ने 43वें मिनट में भारत का खाता खोला, इसके ठीक अगले मिनट नवनीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 2-0 कर दिया। 47वें मिनट में नवनीत ने अपना दूसरा गोल दागते हुए भारत की बढ़त 3-0 कर दी। जर्मनी की ओर से लिन क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एक गोल किया, लेकिन भारत ने मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया।

विश्व कप अभियान के दौरान भारतीय टीम ने सिर्फ एक मुकाबला गंवाया। टीम ने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ ड्रॉ खेला, जबकि दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया। भारत की एकमात्र हार मेजबान और गत चैंपियन नीदरलैंड्स के खिलाफ हुई।

हॉकी इंडिया ने किया 50 लाख के पुरस्कार का ऐलान

टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. दिलीप टिर्की ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए 50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 52 साल बाद विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करना भारतीय महिला हॉकी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह टीम की मेहनत, जुझारूपन और संघर्ष की भावना का परिणाम है।

हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी टीम की सराहना करते हुए कहा कि कप्तान सलीमा टेटे और उनकी टीम ने दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों को आगे और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

एशियन गेम्स पर अब नजर

विश्व कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का अगला बड़ा लक्ष्य एशियन गेम्स है। हॉकी इंडिया के मुताबिक, विश्व कप में पांचवें स्थान की यह उपलब्धि टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाएगी और आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी।

52 साल बाद विश्व कप में टॉप-5 में जगह और जर्मनी जैसी मजबूत टीम पर जीत—भारतीय महिला हॉकी ने इस अभियान का अंत इतिहास रचते हुए किया है।

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