स्वतंत्रता दिवस को लेकर देशभर में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। इसी बीच गृह मंत्रालय ने 15 अगस्त 2026 के समारोह को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने इस बार स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों को सिर्फ औपचारिक समारोह तक सीमित रखने के बजाय जनभागीदारी, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विविधता और देशभक्ति से जोड़ने पर जोर दिया है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, देशभर में राज्य से लेकर गांव स्तर तक स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। खास बात यह है कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कार्यक्रम सुबह 9 बजे के बाद आयोजित करने को कहा गया है।
ध्वजारोहण से लेकर राष्ट्रगान तक तय रहेगा कार्यक्रम का क्रम
स्थानीय स्तर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए निर्धारित कार्यक्रम में राष्ट्रगीत, ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और मुख्य अतिथि के संबोधन को प्रमुख स्थान दिया गया है।
कार्यक्रम का प्रस्तावित क्रम इस प्रकार रहेगा:
- ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रगीत
- राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा
- राष्ट्रगान
- मुख्य अतिथि का संबोधन
- समापन से पहले दोबारा राष्ट्रगीत
- इसके बाद राष्ट्रगान
राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री, जिला स्तर पर मंत्री, आयुक्त या जिला मजिस्ट्रेट और प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर संबंधित अधिकारी अथवा जनप्रतिनिधि ध्वजारोहण करेंगे।
सफाई अभियान में युवाओं और छात्रों की भागीदारी
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जिलों के प्रमुख स्थानों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की योजना है। इसके लिए स्थानीय लोगों के साथ स्कूली बच्चों, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट्स, युवा संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को जोड़ा जा सकता है। इस पहल का मकसद स्वतंत्रता दिवस को लोगों की रोजमर्रा की जिम्मेदारियों और सामाजिक भागीदारी से जोड़ना है।
पर्यावरण के लिए भी होगी पहल
समारोह के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दिया गया है। सरकारी विभागों और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से पौधरोपण अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। इसके जरिए लोगों को पर्यावरण बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जाएगी।
अलग-अलग राज्यों की संस्कृति एक मंच पर
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की थीम के तहत सांस्कृतिक और खान-पान से जुड़े कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दूसरे राज्यों को कार्यक्रमों में शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इससे अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति, परंपरा, कला और खान-पान को एक-दूसरे के सामने लाने का अवसर मिलेगा।
सोशल मीडिया पर भी दिखेगा देशभक्ति का रंग
स्वतंत्रता दिवस के संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया है। गणमान्य लोगों के संदेश, देशभक्ति से जुड़े गीत और राष्ट्रीय एकता से जुड़े कंटेंट को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंचाने की पहल की जा सकती है।
‘एट होम’ में आम लोगों को भी खास जगह
राज्यपाल और उपराज्यपाल के निवास पर होने वाले ‘एट होम’ कार्यक्रम में इस बार समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाले लोगों को शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया है।
इस सूची में दिव्यांगजन, पर्यावरण के लिए काम करने वाले लोग, स्वच्छाग्रही, खिलाड़ी, शहीदों के परिजन, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, शोधकर्ता, नवाचारी, बहादुरी पुरस्कार पाने वाले बच्चे, महिला सरपंच और बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र जैसे लोग शामिल हो सकते हैं।
निर्देशों में ऐसे विशेष आमंत्रितों के लिए 25 से 50 सीटें आरक्षित रखने का सुझाव भी दिया गया है।
हर साल बदलेगी विशेष मेहमानों की सूची
‘एट होम’ समारोह में एक ही लोगों को बार-बार बुलाने के बजाय हर साल नई सूची तैयार करने का सुझाव दिया गया है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाले ज्यादा लोगों को राष्ट्रीय पर्व के इस खास आयोजन का हिस्सा बनने का मौका मिल सकेगा।
निमंत्रण कार्ड को भी खास तरीके से तैयार करने की सलाह दी गई है, ताकि मेहमान इसे समारोह की याद के तौर पर लंबे समय तक संभालकर रख सकें।
स्कूली बैंड को भी मिलेगा बड़ा मंच
स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्कूली बैंड की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। ऐसे बैंड को प्राथमिकता देने की बात कही गई है जो देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति से जुड़े गीत प्रस्तुत करें।
स्कूलों के बीच बैंड प्रतियोगिता कराने का सुझाव भी दिया गया है। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंड को राज्यपाल या उपराज्यपाल के ‘एट होम’ समारोह में प्रस्तुति का मौका दिया जा सकता है।
343 जगहों पर होगा बैंड का प्रदर्शन
देशभर में स्वतंत्रता दिवस के दौरान करीब 343 प्रमुख स्थानों पर बैंड प्रदर्शन आयोजित किए जाने की योजना है। स्थानीय प्रशासन को इन कार्यक्रमों के लिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इसका उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस की खुशी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना और सार्वजनिक स्थानों पर देशभक्ति का माहौल तैयार करना है।
लाल किले पर होगा देश का मुख्य समारोह
देश का मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह दिल्ली के लाल किले पर होगा। यहां प्रधानमंत्री के लिए सशस्त्र बलों और दिल्ली पुलिस की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर का आयोजन होगा।
इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, 21 तोपों की सलामी दी जाएगी और भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से पुष्प वर्षा की जाएगी। प्रधानमंत्री देश को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान और तिरंगे रंग के गुब्बारे उड़ाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
इसके अलावा राष्ट्रपति भवन में भी ‘एट होम’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कुल मिलाकर, इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह को सरकारी कार्यक्रम से आगे ले जाकर समाज के हर वर्ग की भागीदारी से जोड़ने की कोशिश की गई है। स्वच्छता, पौधरोपण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, युवा भागीदारी और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए 15 अगस्त को व्यापक जनउत्सव बनाने पर जोर है।
