Monday, September 21

Ranchi: झारखंड कांग्रेस में अभिलाष साहू की बहाली को लेकर एक बार फिर संगठनात्मक फैसले पर सवाल खड़े हो गए हैं। 14 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पद पर अभिलाष साहू की बहाली का आदेश जारी हुआ था। लेकिन बहाली के महज तीन दिन बाद ही एआईसीसी के झारखंड प्रभारी के. राजू ने इस फैसले को फिलहाल रोकने का निर्देश दे दिया है।

यानी एक तरफ प्रदेश स्तर से बहाली का आदेश आया और दूसरी तरफ केंद्रीय संगठन के प्रभारी ने उसी फैसले पर ब्रेक लगा दिया। कांग्रेस के भीतर लिए जा रहे फैसलों को लेकर यह स्थिति अपने आप में चर्चा का विषय बन गई है।

14 सितंबर को हुई थी बहाली, 17 को लगा ब्रेक

अभिलाष साहू की बहाली से संबंधित जिक्र के. राजू के पत्र में किया गया है। पत्र में कहा गया है कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर अभिलाष साहू की कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पद पर बहाली संबंधी अधिसूचना जारी की गई थी।

लेकिन 17 सितंबर को प्रदेश प्रभारी के. राजू ने प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को पत्र भेजकर इस बहाली पर सवाल उठाए और फिलहाल उनके संगठनात्मक दायित्व को स्थगित रखने का निर्देश दिया।

प्रभारी ने कहा- अनुशासनात्मक जांच रिपोर्ट अभी बाकी

के. राजू के पत्र के मुताबिक, अभिलाष साहू के खिलाफ हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़ी जांच रिपोर्ट का परीक्षण अभी लंबित है। रिपोर्ट के जरिए यह तय किया जाना है कि उनके कृत्य और उनके लिए निर्धारित दंड के बीच उचित अनुपात और न्यायसंगतता है या नहीं।

प्रभारी ने अनुशासन समिति को निर्देश दिया है कि वह अभिलाष साहू की वीडियो बनाने और उसे सार्वजनिक रूप से प्रसारित करने में उनकी भूमिका, अनुशासन समिति के सामने दिए गए स्पष्टीकरण और सार्वजनिक मंच पर दिए गए बयानों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

साथ ही उनके सार्वजनिक आचरण और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता से जुड़े तथ्यों को भी रिपोर्ट में शामिल करने को कहा गया है।

रिपोर्ट आने तक संगठनात्मक जिम्मेदारी पर रोक

पत्र में साफ कहा गया है कि अनुशासन समिति की विस्तृत रिपोर्ट मिलने और उसके परीक्षण के बाद ही अभिलाष साहू की संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाना उचित होगा।

इसी आधार पर रिपोर्ट आने तक झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष के रूप में उनकी संगठनात्मक जिम्मेदारी स्थगित रखने का निर्देश दिया गया है।

अभिलाष साहू की बहाली 14 सितंबर को हुई और तीन दिन बाद ही उस पर रोक का निर्देश आ गया। ऐसे में कांग्रेस के संगठनात्मक फैसलों को लेकर स्वाभाविक तौर पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अनुशासनात्मक जांच पूरी होने से पहले बहाली का फैसला कैसे हुआ और फिर उसी फैसले को केंद्रीय स्तर से क्यों रोकना पड़ा?

फिलहाल कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि अनुशासन समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा और उसके आधार पर आगे की संगठनात्मक कार्रवाई तय होगी।

फिलहाल तस्वीर इतनी भर है – 14 सितंबर को बहाली, 17 सितंबर को रोक… और अभिलाष साहू का मामला एक बार फिर कांग्रेस के संगठनात्मक फैसलों के बीच अटक गया है।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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