जमशेदपुर, झारखंड: शहर की राजनीति में उस समय गरमाहट बढ़ गई जब भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ टेल्को थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी के विरोध में सोमवार रात एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। टेल्को सेक्टर मार्केट में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने की। इस दौरान विधायक पूर्णिमा साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान में विश्वास रखने वाली पार्टी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि झूठे मुकदमों पर पूर्णिमा साहू जैसे हालात पैदा कर कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की कोशिश की गई, तो भाजपा संवैधानिक और लोकतांत्रिक दायरे में रहते हुए एक व्यापक जनआंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। यह सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि पार्टी के अटूट संकल्प का ऐलान था।
झूठे मुकदमों पर पूर्णिमा साहू का करारा जवाब: ‘भाजपा नहीं झुकेगी’
विधायक पूर्णिमा साहू ने टेल्को थाना में दर्ज प्राथमिकी को पूरी तरह से निराधार, मनगढ़ंत और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन को अपराध का रूप देकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज़ दबाने का प्रयास किया जा रहा है। यह सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर हमला है। श्रीमती साहू ने आरोप लगाया कि प्राथमिकी में कई ऐसी गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं, जिनका संबंध न तो बंद के दौरान किसी घटना से था और न ही किसी प्रशासनिक या मीडिया रिपोर्ट में उनका कोई उल्लेख मिला। इससे स्पष्ट होता है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव में आकर भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने की सोची-समझी साजिश है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, 3 जुलाई को जमशेदपुर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, हिमांशु हत्याकांड और शहर में बढ़ते अपराधों के विरोध में जमशेदपुर बंद का आयोजन किया गया था। इसी बंद के दौरान टेल्को थाना में टेल्को मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा, घोड़ाबांधा मंडल अध्यक्ष नीरज शर्मा, जिला महामंत्री जितेंद्र राय और राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष कल्याणी शरण सहित 18 भाजपा नेताओं और कई अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस बैठक में इन प्राथमिकियों की प्रतियों का गहन अध्ययन किया गया और आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। पार्टी ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक आवाज़ दबाने का प्रयास माना है।
झूठे मुकदमों पर पूर्णिमा साहू का आरोप: राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई
भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ने पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जमशेदपुर बंद का आयोजन किया था। उनका आरोप था कि सरकार के इशारे पर प्रशासन ने झूठे मुकदमे दर्ज करके लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने का प्रयास किया है। सिन्हा ने जोर देकर कहा कि भाजपा अपने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी प्रकार के राजनीतिक उत्पीड़न का लोकतांत्रिक तरीके से ही जवाब दिया जाएगा। पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है और किसी भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने को तैयार है।
बैठक में उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच यह सहमति बनी कि इस अन्याय के खिलाफ एक ठोस कदम उठाया जाना चाहिए। इसी कड़ी में सर्वसम्मति से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि भाजपा का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल एसएसपी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा, जिसमें दर्ज प्राथमिकी से निराधार धाराएं हटाने और शहर में बढ़ते अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की मांग की जाएगी। यह कदम प्रशासन पर दबाव बनाने और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया जा रहा है।
इस बैठक में भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जो पार्टी की एकजुटता और संकल्प को दर्शाते हैं। इनमें पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा, रामबाबू तिवारी, दिनेश कुमार, गुंजन यादव, सुधांशु ओझा, मनोज सिंह, कल्याणी शरण, हलधर नारायण साह, संजीव सिंह, बबुआ सिंह, अमरजीत सिंह राजा, जितेंद्र राय, राजीव सिंह, तन्मय झा, सागर राय, अप्पा राव, खेमलाल चौधरी, विकास शर्मा, नीरज शर्मा समेत बड़ी संख्या में अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे। सभी ने एक स्वर में पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और अन्याय के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया। यह सिर्फ एक स्थानीय बैठक नहीं, बल्कि राजनीतिक विरोध का एक सशक्त प्रदर्शन था।
लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार मौलिक है, और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। भारतीय संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अनुमति देता है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए, आप राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की वेबसाइट पर जा सकते हैं: NHRC.nic.in। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या भाजपा अपने जनआंदोलन के संकल्प को पूरा करती है। झूठे मुकदमों पर पूर्णिमा साहू और उनकी पार्टी की यह लड़ाई अब एक बड़े राजनीतिक संघर्ष का रूप ले सकती है।


