Friday, October 2

रांची: कांके के चंदवे स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में कक्षा 5 के छात्र के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में Jharkhand Digital की खबर के बाद अब झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने रांची के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मामले में की गई कार्रवाई से अवगत कराने को कहा है। आयोग ने इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए की गई कार्रवाई की जवाबदेही मांगी है।

Jharkhand Digital ने प्रमुखता से उठाया था मामला

कांके के चंदवे स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में कक्षा 5 में पढ़ने वाले छात्र के साथ कक्षा 9 के एक छात्र द्वारा यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था। घटना को लेकर पिठोरिया थाना में POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था और नाबालिग आरोपी को पुलिस ने पकड़ा था।

मामले की रिपोर्टिंग के दौरान Jharkhand Digital ने घटना के साथ-साथ हॉस्टल और स्कूल प्रबंधन की भूमिका को भी प्रमुखता से उठाया था। खबर में यह सवाल सामने रखा गया था कि इतनी गंभीर घटना की जानकारी मिलने के बाद भी स्कूल प्रशासन ने पीड़ित बच्चे के अभिभावकों और पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी।

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बाल अधिकार आयोग ने मांगी कार्रवाई की जानकारी

Jharkhand Digital की खबर का संदर्भ देते हुए झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने 29 सितंबर 2026 को रांची के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा। आयोग के पत्र में सोशल मीडिया में प्रसारित/प्रकाशित खबर का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि घटना के बाद हॉस्टल वार्डन या स्कूल प्रशासन की ओर से पीड़ित छात्र के माता-पिता को सूचना देने और स्थानीय पुलिस को जानकारी देने को लेकर सवाल सामने आए हैं।

आयोग ने संबंधित अधिकारियों से मामले में नियमानुसार की गई कार्रवाई से आयोग को अवगत कराने का अनुरोध किया है।

रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट और झालसा ने भी लिया था संज्ञान…

रिपोर्ट सामने आने के बाद झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने झालसा की सदस्य सचिव रंजना अस्थाना को आवश्यक जांच कराने और पीड़ित बच्चे को हरसंभव कानूनी एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), रांची ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। DLSA की टीम पिठोरिया थाना पहुंची और मामले की जानकारी ली। टीम ने पीड़ित बच्चे के पिता से बातचीत कर घटना और बच्चे की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की थी।

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क्या था पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर की रात स्कूल के हॉस्टल परिसर में कक्षा 5 के छात्र के साथ कक्षा 9 के छात्र द्वारा यौन उत्पीड़न की घटना हुई थी। घटना के बाद पीड़ित बच्चे ने अपने परिजनों को फोन कर मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद परिजन रांची पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

मामले में पिठोरिया थाना में POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और नाबालिग आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई। घटना के सामने आने के बाद स्कूल के हॉस्टल में रह रहे बच्चों की सुरक्षा और संस्थान की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठे थे।

अब जांच के साथ जवाबदेही पर भी नजर

बाल अधिकार आयोग के संज्ञान में आने के बाद अब मामले में पुलिस जांच के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटना के बाद स्कूल और हॉस्टल स्तर पर क्या कार्रवाई की गई थी और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी कब दी गई।

आयोग की ओर से रांची के DC और SSP से कार्रवाई की जानकारी मांगे जाने के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। अब आयोग को दी जाने वाली रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के बाद संबंधित स्तर पर क्या कदम उठाए गए और बच्चों की सुरक्षा को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जा रही है।

Jharkhand Digital की रिपोर्ट के बाद बाल अधिकार आयोग का संज्ञान इस मामले को केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित न रखकर बच्चों की सुरक्षा, संस्थागत जवाबदेही और कार्रवाई की प्रक्रिया के स्तर पर भी सामने लाता है।

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