रांची: प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर रद्द की गई भर्ती परीक्षाओं की सूची सार्वजनिक की है। सूची में JPSC और JSSC से जुड़ी कई परीक्षाएं शामिल हैं।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा 6 परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित रखा गया है। इन परीक्षाओं से जुड़ी एजेंसियों की विश्वसनीयता और भूमिका की जांच CID को सौंपी गई है। वहीं, 17 पुरानी परीक्षाओं को भी CID जांच के दायरे में लाया गया है।
JPSC की कई बड़ी परीक्षाएं रद्द
रद्द की गई परीक्षाओं में JPSC की कई महत्वपूर्ण भर्तियां शामिल हैं। इनमें विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती, सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक और सरकारी पॉलिटेक्निक में लेक्चरर की भर्ती शामिल है।
इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्राध्यापक की भर्ती को भी रद्द की गई परीक्षाओं की सूची में रखा गया है।
सिविल जज से लेकर सिविल सेवा परीक्षा तक पर असर
सरकार के आदेश का असर न्यायिक और प्रशासनिक सेवाओं की कई परीक्षाओं पर भी पड़ा है। सिविल जज जूनियर डिवीजन, सहायक वन संरक्षक, वन क्षेत्र पदाधिकारी और सहायक लोक अभियोजक जैसी परीक्षाएं रद्द की गई हैं।
वहीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025, बैकलॉग-2025 और बैकलॉग-2023 को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है।
इसके अलावा Food Safety Officer, CDPO और Combined Civil Services Exam-2023 भी रद्द की गई परीक्षाओं की सूची में शामिल हैं।
JSSC-CGL भी रद्द
JSSC से जुड़ी सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा यानी JSSC-CGL (विज्ञापन संख्या 10/2023) को भी रद्द कर दिया गया है।
इस परीक्षा को लेकर लंबे समय से छात्र संगठनों की ओर से गड़बड़ी और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे थे। अब सरकार के फैसले के बाद इस परीक्षा की पूरी प्रक्रिया नए सिरे से प्रभावित होगी।
6 परीक्षाएं रद्द नहीं, अगले आदेश तक स्थगित
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 6 परीक्षाओं को रद्द नहीं किया गया है। इनमें Food Analyst, उप-निदेशक अभियोजन, Project Manager, Inspector of Factories, Boiler Inspector और Director पद से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं।
इन परीक्षाओं की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है और संबंधित एजेंसी की क्रेडेंशियल जांच CID को सौंपी गई है।
17 पुरानी परीक्षाओं की भी खुलेगी फाइल
सरकार ने केवल हाल की परीक्षाओं पर कार्रवाई नहीं की है। 5वीं सिविल सेवा परीक्षा, 2016 और 2021 की सिविल सेवा परीक्षा, Assistant Engineer, Civil Judge समेत 17 पुरानी परीक्षाओं को भी CID जांच के दायरे में लाया गया है।
इससे साफ है कि सरकार अब परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच को पुराने मामलों तक ले जा रही है।
छात्रों के लगातार विरोध और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग के बीच सरकार की इस कार्रवाई ने JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब रद्द परीक्षाओं के अभ्यर्थियों, जांच के दायरे में आई पुरानी नियुक्तियों और स्थगित परीक्षाओं के भविष्य को लेकर सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।
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