Tuesday, October 13

​ JPSC , JSSC और CGL परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुए वित्तीय झोलझाल और पैसों के लेन-देन (Money Trail) की परतों को उघाड़ने के लिए अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री होने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता और वित्तीय अनियमितताओं के इनपुट्स को देखते हुए राज्य सरकार ने ED जांच के लिए अपनी सहमति दे दी है।

​इस बड़े घटनाक्रम से जुड़े प्रमुख पहलू:

​मनी ट्रेल और वित्तीय धांधली पर नजर: CID की शुरुआती जांच में अभ्यर्थियों से बड़ी रकम ऐंठने और परीक्षा माफियाओं के बीच करोड़ो के लेन-देन के संकेत मिले हैं। ED अब इस पूरे मामले में ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ (PMLA) के तहत केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाएगी।

​सरकारी सहमति के मायने:

अब तक मामले की जांच केवल राज्य CID की SIT टीम कर रही थी। सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसी ED को जांच के लिए हरी झंडी दिए जाने को छात्रों के दबाव और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

​दिग्गज और बिचौलिए निशाने पर: जांच एजेंसी का मुख्य फोकस परीक्षा आयोजित कराने वाली विवादित प्राइवेट एजेंसी (TDPL) के अफसरों, बिचौलियों और इसमें शामिल सफेदपोशों के बैंक खातों और बेनामी संपत्तियों को खंगालने पर रहेगा।

​माहौल गरम:

परीक्षा रद्द करने और जांच के आदेशों के बाद अब ED की संभावित एंट्री से प्रशासनिक व राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरों की समनिंग और संपत्तियों की कुर्की की संभावना जताई जा रही है।

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