टंडवा: सड़क पर कोयले की धूल, हवा में फ्लाई ऐश के कण और घरों से लेकर दुकानों तक प्रदूषण की मार…चतरा के मिश्रौल में हालात ऐसे हैं कि स्थानीय लोगों के लिए साफ हवा में सांस लेना और दुकानदारों के लिए अपना कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूटा और उन्होंने कोयला व फ्लाई ऐश ढोने वाले वाहनों को रोक दिया।
धूल से बेहाल ग्रामीण, कारोबार पर भी चोट…
स्थानीय लोगों के मुताबिक, भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर बिखरा कोयला और फ्लाई ऐश उड़कर घरों व दुकानों तक पहुंच रहा है। सामान पर धूल जम रही है और दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सांस लेने में परेशानी की शिकायत की है और दमा व टीबी जैसी बीमारियों को लेकर चिंता जताई है।
टंडवा-सिमरिया रोड पर राख का कहर, पूजा पंडालों तक पहुंच रही धूल
टंडवा-सिमरिया मुख्य सड़क पर एनटीपीसी के ऐशपौंड की ढुलाई के दौरान राख गिरने से राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि हाइवा से गीली राख ले जाने के दौरान सड़क पर जगह-जगह राख बिखर जाती है। इसके सूखने के बाद वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ने लगती है, जिससे सड़क से गुजरने वाले लोगों और आसपास रहने वालों को परेशानी हो रही है।
धनगडा पंचायत के मुखिया अरविंद सिंह ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सड़क पर बिखरी राख से आवागमन प्रभावित हो रहा है और धूल पूजा पंडालों के साथ सड़क किनारे स्थित घरों तक पहुंच रही है। पूजा-पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से समस्या और गंभीर हो गई है।
मामले को लेकर थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने एनटीपीसी प्रबंधन को सड़क पर राख गिरने की समस्या पर अंकुश लगाने की चेतावनी दी है। अब देखना होगा कि प्रबंधन इस पर क्या कदम उठाता है।
मिश्रौल में भी धूल से परेशान ग्रामीणों ने रोके वाहन
टंडवा के मिश्रौल में भी सड़क पर बिखरे कोयले और फ्लाई ऐश से उड़ती धूल के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने कोयला व फ्लाई ऐश ढोने वाले वाहनों को रोककर विरोध जताया। लोगों का कहना है कि धूल घरों और दुकानों तक पहुंच रही है। सामान पर राख जमने से दुकानदारों को नुकसान हो रहा है, जबकि ग्रामीणों ने सांस लेने में परेशानी की शिकायत की है।
लोगों ने दमा और टीबी जैसी बीमारियों को लेकर चिंता जताई है, हालांकि इन बीमारियों का कारण धूल को मानने की चिकित्सकीय पुष्टि सामने नहीं आई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, एनटीपीसी और सीसीएल से सड़क की नियमित सफाई, पानी के छिड़काव और परिवहन के दौरान सामग्री सड़क पर गिरने से रोकने की मांग की है।
वैध-अवैध परिवहन पर सवाल, जवाबदेही तय करने की मांग
कोयला और फ्लाई ऐश की ढुलाई से जुड़ी शिकायतों के बीच परिवहन के नियमों, सड़क की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग जांच करें कि परिवहन के दौरान राख और कोयला सड़क पर क्यों गिर रहा है और इसे रोकने के लिए क्या व्यवस्था है।
औद्योगिक गतिविधियां जारी, लेकिन जनता को राहत कब?
एक तरफ कोयला और फ्लाई ऐश की ढुलाई जारी है, दूसरी तरफ स्थानीय लोगों को धूल, गंदगी और आवागमन की परेशानी झेलनी पड़ रही है। सवाल यह है कि सड़क पर राख और कोयला गिरने से रोकने, नियमित सफाई कराने और धूल पर नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
फिलहाल, लोगों की मांग साफ है – सड़क की नियमित सफाई हो, पानी का छिड़काव कराया जाए और परिवहन के दौरान राख व कोयला सड़क पर गिरने से रोका जाए। अब निगाहें एनटीपीसी, सीसीएल, ट्रांसपोर्टरों और जिला प्रशासन पर हैं कि वे शिकायतों पर ठोस कार्रवाई कर आम जनता को कब राहत दिलाते हैं।


