हजारीबाग। जिले में संगठित अपराध और अवैध लेवी वसूली के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत पुलिस को एक ऐसे गिरोह के बारे में जानकारी मिली, जो कथित तौर पर इलाके में लेवी और रंगदारी वसूली की गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल दुबे गैंग से जुड़े दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को इन संदिग्धों की गतिविधियों को लेकर पहले से इनपुट मिला था। इसके बाद टीम ने रणनीति बनाकर कार्रवाई की और दोनों को अपने कब्जे में ले लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को हथियार समेत अन्य आपत्तिजनक सामान मिलने की बात सामने आई है। बरामद सामान की जांच के साथ पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इसका इस्तेमाल किस तरह की आपराधिक गतिविधियों में किया जाना था।
कोयला कारोबार पर भी नजर?
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि राहुल दुबे गैंग का नाम पहले से ही कोयला कारोबारियों, व्यापारियों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोगों से कथित लेवी वसूली के मामलों में सामने आता रहा है। ऐसे में पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों की भूमिका केवल वसूली तक सीमित थी या वे गिरोह के किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, संभावित ठिकानों और लेवी वसूली के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई से गिरोह पर बढ़ा दबाव
हजारीबाग में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। राहुल दुबे गैंग से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई और हथियार बरामदगी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में दो और संदिग्धों की गिरफ्तारी को पुलिस की कार्रवाई की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या किसी कारोबारी या अन्य व्यक्ति से लेवी वसूलने की कोई योजना बनाई गई थी। इसके अलावा पुलिस गिरोह के फंडिंग, संपर्क और स्थानीय नेटवर्क से जुड़े पहलुओं को भी खंगाल सकती है।
आगे और गिरफ्तारी की संभावना
पूछताछ से मिलने वाली जानकारी के आधार पर पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर है कि लेवी वसूली का नेटवर्क किस तरह काम करता है और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
फिलहाल दोनों गिरफ्तार संदिग्ध पुलिस की पूछताछ के घेरे में हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और नाम सामने आने और अतिरिक्त कार्रवाई होने की संभावना है।
