देवघर: विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए झारखंड सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। पूरे सावन माह के दौरान देवघर जिले में, विशेष रूप से श्रावणी मेला क्षेत्र में, शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इस संबंध में उत्पाद विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, देवघर उपायुक्त की ओर से भेजे गए पत्र के आलोक में उत्पाद विभाग ने यह निर्णय लिया है। आदेश के तहत पूरे श्रावणी मेला क्षेत्र में सभी प्रकार की शराब की बिक्री, भंडारण और वितरण पर रोक रहेगी। यह व्यवस्था पूरे सावन महीने तक प्रभावी रहेगी, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जा सके और मेले का वातावरण पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं पवित्र बना रहे।
इस फैसले की पुष्टि करते हुए झारखंड सरकार के उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान शराबबंदी की परंपरा पहले से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम देश के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां सावन महीने में देश-विदेश से लाखों-करोड़ों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और सरकार उसी के अनुरूप निर्णय ले रही है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शराब की बिक्री रोकना नहीं, बल्कि पूरे मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण माहौल उपलब्ध कराना भी है। शराबबंदी से किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधियों, विवाद या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण रखने में प्रशासन को मदद मिलेगी।
उत्पाद विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रतिबंध के दौरान नियमित निरीक्षण किया जाए और यदि कहीं भी अवैध रूप से शराब की बिक्री या तस्करी की सूचना मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके लिए विशेष निगरानी टीमों का गठन भी किया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि बाहर से शराब की अवैध आपूर्ति को रोका जा सके।
हर वर्ष श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों कांवड़िये और श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन और सरकार की प्राथमिकता धार्मिक आयोजन को सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। सरकार का मानना है कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए सावन माह में शराब बिक्री पर रोक लगाना जनहित और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम है।
