कोलकाता: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और बंगाल की फिल्मी दुनिया से गहरा रिश्ता रखने वाले मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य सरकार ने उन्हें सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में सांस्कृतिक सलाहकार नियुक्त किया है। खास बात यह है कि सरकार ने उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया है। नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।
मिथुन चक्रवर्ती की यह नई भूमिका सिर्फ एक सरकारी पद तक सीमित नहीं मानी जा रही है। लंबे समय तक फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मिथुन अब बंगाल की कला, संस्कृति और सिनेमा से जुड़े मामलों में सरकार को सलाह देंगे। ऐसे समय में जब राज्य सरकार बंगाल की पुरानी फिल्मी विरासत को नए तरीके से देश-दुनिया के सामने रखने की कोशिश कर रही है, उनकी नियुक्ति को अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
मिथुन का बंगाल से रिश्ता केवल उनकी जन्मभूमि या शुरुआती फिल्मी सफर तक सीमित नहीं है। उन्होंने भारतीय सिनेमा में बंगाली और हिंदी दोनों दर्शकों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई। अभिनय के साथ-साथ उनका जुड़ाव बंगाल की सांस्कृतिक दुनिया से भी रहा है। ऐसे में सरकार की ओर से उन्हें सांस्कृतिक मामलों की जिम्मेदारी दिया जाना उनकी इसी सार्वजनिक और फिल्मी पहचान का इस्तेमाल करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
बंगाल की फिल्मी विरासत को नई पहचान देने की कोशिश
राज्य में महान अभिनेता उत्तम कुमार की जन्मशती से जुड़े आयोजनों के बीच मिथुन की नियुक्ति विशेष महत्व रखती है। सरकार इन कार्यक्रमों के जरिए बंगाल की समृद्ध फिल्मी विरासत और सांस्कृतिक पहचान को बड़े स्तर पर सामने लाने पर जोर दे रही है।
बंगाल की सिनेमा इंडस्ट्री का इतिहास बेहद समृद्ध रहा है। सत्यजीत रे से लेकर उत्तम कुमार और सुचित्रा सेन जैसे नामों ने भारतीय सिनेमा में राज्य की अलग पहचान बनाई। मिथुन चक्रवर्ती भी इसी फिल्मी विरासत की आधुनिक पीढ़ी के उन बड़े चेहरों में शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर बंगाल का नाम मजबूत किया।
सरकार की ओर से एक अत्याधुनिक थिएटर कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना की भी बात सामने आई है। इसके जरिए सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा जा रहा है। ऐसे में मिथुन जैसे अनुभवी अभिनेता की भूमिका इस पूरे सांस्कृतिक इकोसिस्टम को लेकर सरकार को व्यावहारिक सुझाव देने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
राजनीतिक सफर के कारण भी नियुक्ति पर नजर
मिथुन चक्रवर्ती की नई जिम्मेदारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनका राजनीतिक जुड़ाव भारतीय जनता पार्टी के साथ रहा है। वे बीजेपी के प्रचार अभियान का हिस्सा भी रहे हैं और पार्टी के लिए चुनावी मंचों से प्रचार करते नजर आए हैं। इसके बावजूद उन्हें सांस्कृतिक विभाग में सलाहकार बनाना एक ऐसा फैसला है, जिसमें उनकी राजनीतिक पहचान के साथ-साथ उनकी फिल्मी लोकप्रियता और सांस्कृतिक अनुभव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मिथुन ने अपने लंबे फिल्मी करियर में अलग-अलग भाषाओं और शैलियों की फिल्मों में काम किया है। उनका अनुभव मनोरंजन जगत के कई पहलुओं से जुड़ा रहा है। ऐसे में सरकार को उम्मीद होगी कि उनकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल बंगाल की फिल्म, थिएटर और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा देने में किया जा सके।
अब देखने वाली बात यह होगी कि सांस्कृतिक सलाहकार के तौर पर मिथुन चक्रवर्ती की भूमिका कितनी सक्रिय रहती है और बंगाल की फिल्मी विरासत, थिएटर तथा सांस्कृतिक क्षेत्र को लेकर उनके सुझाव किस तरह की नई पहल का आधार बनते हैं। फिलहाल उनकी नियुक्ति ने बंगाल की राजनीति के साथ-साथ फिल्म और संस्कृति की दुनिया में भी चर्चा जरूर बढ़ा दी है।


