रांची, 21 अगस्त 2026: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुक्रवार को अपने केंद्रीय कार्यालय में MMDR विधेयक-2026 को लेकर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने विधेयक को झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे राज्य के राजस्व, रोजगार और विकास को नई गति मिलेगी।
संजय सेठ ने कहा कि MMDR विधेयक-2026 राज्यों के हितों को मजबूत करने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विपक्ष पर विधेयक को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। खनिज राजस्व का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा।
अवैध खनन और खनिज चोरी पर जीरो टॉलरेंस
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि विधेयक का एक प्रमुख उद्देश्य अवैध खनन और खनिज चोरी पर प्रभावी रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि जितना अधिक वैध खनन को बढ़ावा मिलेगा और अवैध खनन पर रोक लगेगी, उतना ही अधिक राजस्व सरकार को प्राप्त होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि खनिज संपदा देश की ताकत है और इसे चोरी, भ्रष्टाचार तथा लालफीताशाही की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। सरकार पारदर्शी, स्थिर और अनुमानित टैक्स व्यवस्था तैयार करने पर जोर दे रही है, जिससे निवेश और उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
खनिज राजस्व में हुई बड़ी वृद्धि
संजय सेठ ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले झारखंड को खनिज क्षेत्र से करीब 4,662 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर लगभग 33,494 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने इसे करीब 618 प्रतिशत की वृद्धि बताते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि खनिज क्षेत्र में केंद्र की नीतियों से राज्यों के राजस्व को नई दिशा मिली है।
उन्होंने कहा कि खनिज संपदा के उपयोग को लेकर राजनीति नहीं, बल्कि नीति पर काम करने की जरूरत है। पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद देश को बड़े पैमाने पर कोयला आयात करना पड़ता है। खनन को गति देने, अवैध खनन रोकने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने से देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
खनन परियोजनाओं में देरी पर उठाए सवाल
संजय सेठ ने झारखंड में खनन परियोजनाओं के संचालन में हो रही देरी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नीलामी के बाद भी कई परियोजनाएं समय पर शुरू नहीं हो सकीं। सिंहभूम के विजया-2 प्रोजेक्ट को नौ महीने तक लीज नहीं मिलने से राज्य को लगभग 400 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का दावा उन्होंने किया।
उन्होंने कहा कि झारखंड को खनिज चाहिए, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है कि राज्य को खनिज से मिलने वाला पूरा लाभ मिले। अवैध खनन के साथ-साथ प्रशासनिक देरी पर भी प्रभावी रोक लगानी होगी।
खनिज चोरी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की बात
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के बाद अब खनिज चोरी और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि MMDR विधेयक केवल खनन क्षेत्र से जुड़ा कानून नहीं है, बल्कि राज्यों को अधिक स्वावलंबी बनाने, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि गांव-गांव विकास, युवाओं को रोजगार, राज्यों का बढ़ता राजस्व और देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता—MMDR विधेयक इन सभी लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा।
संजय सेठ ने विपक्ष से अपील की कि वह राजनीतिक विरोध के लिए भ्रम फैलाने के बजाय विधेयक के प्रावधानों को समझे और राज्य तथा देश के हित में इसका समर्थन करे। उन्होंने दोहराया कि खनिज संपदा भारत की ताकत है और इसका उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा विकसित भारत के निर्माण में किया जाएगा।

