बोकारो: मोहन कुमार मंगलम स्टेडियम, बोकारो में बुधवार को ‘2nd NTPC National Ranking Archery Tournament-2026’ का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि झारखंड को ‘Land of Archery’ के नाम से भी जाना जाता है। राज्य की कई तीरंदाजी प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम रोशन कर चुकी हैं।
अगर खिलाड़ियों को सही समय पर अवसर, बेहतर प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन मिले तो झारखंड के युवा विश्व के बड़े खेल मंचों पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
तीरंदाजी एकाग्रता और अनुशासन का खेल
राज्यपाल ने कहा कि तीरंदाजी सिर्फ धनुष-बाण चलाने का खेल नहीं है। इसमें एकाग्रता, धैर्य, अनुशासन, संतुलन और लक्ष्य के प्रति लगातार मेहनत की जरूरत होती है।खेल खिलाड़ियों को जीवन में भी यह सीख देता है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार जारी रहे तो सफलता की राह आसान होती जाती है।
उन्होंने भारतीय परंपरा में धनुर्विद्या के गौरवशाली इतिहास का भी उल्लेख किया। भगवान श्रीराम, अर्जुन और एकलव्य जैसे चरित्रों के माध्यम से धनुर्विद्या को साधना, आत्मसंयम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं
झारखंड के ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि इन प्रतिभाओं की समय पर पहचान हो और उन्हें अच्छे प्रशिक्षक, आधुनिक प्रशिक्षण, जरूरी उपकरण और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के पर्याप्त अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के कारण किसी भी प्रतिभा को पीछे नहीं छूटना चाहिए। इसके लिए सभी स्तरों पर सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
राज्यपाल ने ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पहलों से छोटे शहरों, कस्बों और गांवों के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिले हैं। उन्होंने कहा कि बोकारो में आयोजित यह राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिता भी खिलाड़ियों के लिए अपनी तकनीक को परखने और राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण मंच है।
खिलाड़ियों से ऊंचा लक्ष्य रखने की अपील
राज्यपाल ने खिलाड़ियों से अपना लक्ष्य ऊंचा रखने और अनुशासन को अपनी ताकत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अपनी तकनीक के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता पर भी लगातार काम करना चाहिए। प्रतियोगिता में जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर करने की कोशिश उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है।
इस मौके पर राज्यपाल ने देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों का झारखंड में स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने झारखंड तीरंदाजी संघ, बोकारो जिला तीरंदाजी संघ, NTPC और प्रतियोगिता के आयोजन से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं।
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