नेपाल में आई खतरनाक अचानक बाढ़ (flash floods) के बाद अब तक लगभग 903 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 4,247 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव कर्मियों ने प्रभावित आठ जिलों से शव बरामद करते हुए तलाशी और बचाव अभियान में तेजी लाई है। यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने से आए एवलांच के बाद आई, जिसने उत्तरी और मध्य नेपाल में कई कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया और पनबिजली स्टेशनों को बहा ले गया। अब तक 9,435 लोगों को बचाया जा चुका है। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार नेपाल में 275 से ज्यादा भारतीय और भारतीय मूल के 128 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

चीन ने दी 22 लाख डॉलर की मदद
चीन ने नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए 22 लाख डॉलर की आर्थिक सहायता दी है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने जान-माल के नुकसान पर दुख जताया। नेपाल में चीनी राजदूत झांग माओमिंग ने वित्त मंत्री को 35 करोड़ नेपाली रुपये का चेक सौंपा, साथ ही चीनी रेड क्रॉस की ओर से 2 लाख डॉलर की अतिरिक्त मदद भी दी गई।
933 कर्मचारी सुरंगों में फंसे, भारतीय टीमें भी बचाव में जुटीं
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के 933 से ज्यादा कर्मचारी अब भी सुरंगों में फंसे हैं और बचाव अभियान का आज छठा दिन है। भारत की खास टनल रेस्क्यू टीम नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है। भारतीय फोरेंसिक टीम ने भी काठमांडू में DNA पहचान का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा तमिलनाडु के 49 तीर्थयात्री कैलाश यात्रा के बाद चीन की तरफ लापता बताए जा रहे हैं, जिसे लेकर परिवारों में चिंता है।
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