कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले की जांच में आरोपित आसिफ को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने वारदात के बाद आरोपितों के कपड़ों, हुलिये और उनके एक-दूसरे को बुलाने के नाम से जुड़े सुराग दिए थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने आसिफ की पहचान की। जांच में यह भी सामने आया कि आसिफ पहले पुलिस के लिए मुखबिर के तौर पर काम कर चुका है।

मामले में पुलिस अब आरोपितों की गतिविधियों, उनके आने-जाने के रास्ते और घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। एफएसएल और जिला मोबाइल क्राइम टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, जिनकी डीएनए जांच कराई जा रही है।
कपड़ों के रंग से मिली आरोपित तक पहुंचने की कड़ी
अमर कॉलोनी थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, घटना के बाद किशोरी ने पुलिस को आरोपितों के बारे में कई जानकारियां दी थीं। उसने बताया था कि एक आरोपित ने बैंगनी रंग की शर्ट पहनी थी, जबकि दूसरे के कपड़े काले और तीसरे के कपड़े लाल रंग के थे।
किशोरी ने यह भी पुलिस को बताया कि आरोपित एक-दूसरे को किन नामों से बुला रहे थे। पुलिस ने इन्हीं सुरागों को जांच का आधार बनाया और आसिफ की पहचान की।
जांच के दौरान पुलिस को उसके पहले पुलिस के मुखबिर के तौर पर काम करने की जानकारी भी मिली।
पहले भी आस्था कुंज पार्क के पास सामने आया था नाम
आसिफ का नाम वर्ष 2025 में आस्था कुंज पार्क के पास एक अमेरिकी नागरिक से हुई लूट के मामले में भी सामने आया था। उस घटना में बदमाशों ने अमेरिकी नागरिक पर चाकू से हमला कर उसका मोबाइल फोन लूट लिया था।
उस मामले में पुलिस ने रात के समय पार्क में घूमने वाले चार-पांच लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें आसिफ भी शामिल था। हालांकि, जांच में उस मामले में आसिफ की संलिप्तता नहीं पाई गई थी।
दोस्त के साथ पार्क पहुंची थी किशोरी
एफआईआर के मुताबिक, 21 सितंबर की रात करीब 7:30 बजे किशोरी शंभू दयाल बाग के पास आस्था कुंज पार्क के गेट नंबर-8 पर पहुंची थी। उसे इस्कान मंदिर जाना था। गेट के पास एक बेंच पर वह अपने दोस्त के साथ बैठकर चिप्स खा रही थी।
इसी दौरान तीन आरोपित वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने किशोरी के दोस्त को थप्पड़ मारा और दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनसे पूछताछ करने लगे।
किशोरी के मुताबिक, जब उसने विरोध किया और अपनी मां से बात कराने की बात कही तो एक आरोपित ने चाकू और दूसरे ने कमर में पिस्टल दिखाकर उसे डराया।
नर्सरी वाले हिस्से में वारदात का आरोप
एफआईआर के अनुसार, दो आरोपित किशोरी को गेट नंबर-8 के पास नर्सरी वाले हिस्से में ले गए, जहां दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद तीसरे आरोपित पर भी दुष्कर्म करने का आरोप है।
किशोरी ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद आरोपितों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।
बाद में किशोरी ने पुलिस को घटनास्थल तक पहुंचाया। उसकी निशानदेही पर एफएसएल रोहिणी और जिला मोबाइल क्राइम टीम ने मौके का निरीक्षण किया।
घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की हो रही जांच
जांच के दौरान घटनास्थल से कई साक्ष्य जुटाए गए हैं। इनमें इस्तेमाल किए गए कंडोम और जैविक सामग्री भी शामिल हैं। पुलिस इनकी डीएनए प्रोफाइल तैयार करा रही है।
जांच में इन वैज्ञानिक साक्ष्यों से आरोपितों और वारदात के बीच संबंध की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है। इन साक्ष्यों को आगे अदालत के सामने भी पेश किया जा सकता है।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से जोड़ी जा रही कड़ी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित वारदात से पहले पार्क में कब पहुंचे थे और वहां से किस रास्ते से निकले। इसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
तकनीकी साक्ष्यों के जरिए भी आरोपितों की गतिविधियों और घटनास्थल तक उनकी आवाजाही की कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस वारदात में शामिल अन्य आरोपितों और उनकी भूमिका से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
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