देवघर। अब विज्ञान की दुनिया को समझने के लिए ग्रामीण बच्चों को बड़े शहरों की महंगी प्रयोगशालाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। गांव के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी रोबोटिक्स, ड्रोन और अंतरिक्ष विज्ञान जैसी आधुनिक तकनीकों से रूबरू हो सकेंगे। देवघर के देवीपुर प्रखंड स्थित अमजो गांव में विकसित आधुनिक विज्ञान केंद्र ने ग्रामीण शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की नई पहल की है। इसका मकसद बच्चों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर प्रयोग और अनुभव के माध्यम से विज्ञान की समझ विकसित करना है।
शुक्रवार को झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया। अमजो के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के पुराने भवन को आधुनिक विज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यह केंद्र ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
प्रयोग से समझेंगे विज्ञान, तकनीक को करीब से जानने का मिलेगा मौका
इस केंद्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां बच्चों को विज्ञान केवल पढ़ाया नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें तकनीक को देखकर और उसके काम करने के तरीके को समझकर सीखने का अवसर मिलेगा। रोबोटिक्स और ड्रोन के माध्यम से विद्यार्थी आधुनिक तकनीकी विकास से परिचित होंगे। वहीं 3D प्रिंटिंग के जरिए डिजाइन और निर्माण की प्रक्रिया को समझ सकेंगे।
केंद्र में वर्चुअल रियलिटी (VR) हेडसेट, ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) मॉडल, 3D होलोग्राम और इंटरैक्टिव डिजिटल प्रोजेक्शन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन तकनीकों के माध्यम से बच्चों को कठिन वैज्ञानिक विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझने में मदद मिलेगी।
अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक के प्रति बढ़ेगी रुचि
विज्ञान केंद्र में विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष अभियानों से जुड़ी जानकारियां भी दी जाएंगी। इससे ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को अंतरिक्ष अनुसंधान, वैज्ञानिक उपलब्धियों और नई तकनीकों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। उम्मीद है कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों में सवाल पूछने, नई चीजें खोजने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देंगी।
शहर और गांव के बीच तकनीकी शिक्षा की दूरी होगी कम
आमतौर पर आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं और तकनीकी संसाधनों तक पहुंच बड़े शहरों के विद्यार्थियों को अपेक्षाकृत आसानी से मिल जाती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को ऐसे अवसर कम मिलते हैं। अमजो में स्थापित यह केंद्र इस अंतर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बन सकता है। इसके माध्यम से ग्रामीण विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीक से परिचित होने और भविष्य में विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
देवघर की इस पहल से ग्रामीण शिक्षा में प्रयोग आधारित पढ़ाई को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि यह विज्ञान केंद्र आसपास के कितने स्कूलों और विद्यार्थियों तक अपनी पहुंच बना पाता है और ग्रामीण प्रतिभाओं को आधुनिक विज्ञान की दुनिया से जोड़ने में कितनी प्रभावी भूमिका निभाता है।
