Saturday, October 31

रांची: छठ महापर्व को देखते हुए रांची नगर निगम ने शहर के तालाबों और छठ घाटों पर तैयारियां तेज कर दी हैं। व्रतियों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने शनिवार को अधिकारियों के साथ विभिन्न तालाबों और घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान अपर नगर आयुक्त संजय कुमार समेत निगम के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने अरगोड़ा तालाब, बटन तालाब (डोरंडा), स्वर्णरेखा घाट (नामकुम), तिरिल तालाब (कोकर), जेल तालाब और चडरी तालाब की स्थिति देखी। यहां साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, घाटों तक पहुंचने के रास्ते और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को छठ महापर्व से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे करने का निर्देश दिया।

गहरे पानी वाले हिस्सों में होगी बैरिकेडिंग

छठ के दौरान किसी तरह की अनहोनी न हो, इसके लिए तालाबों के गहरे हिस्सों को चिह्नित करने और वहां बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, खतरनाक स्थानों पर चेतावनी के निशान लगाने को कहा गया, ताकि व्रती और श्रद्धालु सतर्क रह सकें।

नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि शहर के प्रत्येक तालाब की अपनी अलग समस्याएं और चुनौतियां हैं। ऐसे में स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि छठ पूजा शाम और सुबह के समय होती है, इसलिए घाटों पर पर्याप्त लाइटिंग और पानी तक सुरक्षित पहुंच की व्यवस्था बेहद जरूरी है।

छठ के बाद भी बेहतर इस्तेमाल के लिए विकसित होंगे तालाब

नगर आयुक्त ने कहा कि छठ महापर्व की तैयारियों के साथ तालाबों को इस तरह विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोग सालभर इन सार्वजनिक स्थलों का बेहतर इस्तेमाल कर सकें। तालाबों का सौंदर्यीकरण करने के साथ उनकी सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को बनाए रखना भी नगर निगम की प्राथमिकता है।

वहीं, तालाबों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के मुद्दे पर नगर आयुक्त ने कहा कि सभी छठ पूजा समितियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। सार्वजनिक स्थलों को आम लोगों के लिए खुला रखने की जरूरत है। उन्होंने इस दिशा में पूजा समितियों से भी सहयोग करने की अपील की।

Share.
Next Story
रांची गौशाला में बनेगा 20 टन क्षमता का बायो-सीएनजी प्लांट, 20 करोड़ रुपये होंगे खर्च
Exit mobile version