धनबाद में ठगी के अलग-अलग मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ा है। भूली ओपी क्षेत्र में पुलिस ने बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठगी करने के आरोप में पांडरपाला दास बस्ती निवासी राहुल कुमार दास को गिरफ्तार किया है। वहीं, सरकारी नौकरी और पदोन्नति दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में पंकज गुप्ता को धनबाद सदर थाना की पुलिस ने हिरासत में लिया है।
दोनों मामलों में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो मोबाइल की जांच में मिलीं 53 साइबर ठगी की शिकायतें
भूली ओपी क्षेत्र के मामले में प्रभारी साइबर डीएसपी प्रकाश कुमार साव के अनुसार, 27 सितंबर की शाम एनसीआरपी पोर्टल के जरिए एक संदिग्ध मोबाइल नंबर से साइबर अपराध किए जाने की सूचना मिली थी। तकनीकी जांच में मोबाइल नंबर की लोकेशन पांडरपाला दास बस्ती में मिली।
इसके बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन कर वहां छापेमारी की गई। पुलिस के पहुंचने पर एक संदिग्ध व्यक्ति भागने लगा, जिसे टीम ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान राहुल कुमार दास के रूप में हुई।
पुलिस ने उसके पास से मिले सैमसंग और रियलमी के दो मोबाइल फोन की एनसीआरपी पोर्टल के जरिए जांच की। जांच में अलग-अलग राज्यों से साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी 53 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में राहुल ने बैंक अधिकारी बनकर लोगों से साइबर ठगी करने की बात बताई है। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस एनसीआरपी पर दर्ज शिकायतों के आधार पर उसके खिलाफ जुड़े अन्य मामलों की जांच कर रही है।
नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों लेने का आरोप
दूसरे मामले में धनबाद सदर थाना की पुलिस ने बैंक मोड़ निवासी पंकज गुप्ता (28) को सरकारी नौकरी और पदोन्नति दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये लेने के आरोप में हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार, पंकज के खिलाफ धनबाद, झरिया, बैंक मोड़ और पलामू समेत कई थानों में ठगी से संबंधित शिकायतें और मामले दर्ज हैं। आरोप है कि उसने अलग-अलग लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और इसके बदले लाखों रुपये लिए।
किसी से 20 तो किसी से 15 लाख लेने का आरोप
पीड़ितों के मुताबिक, नौकरी दिलाने के नाम पर किसी से 20 लाख, किसी से 15 लाख, 10 लाख और 6 लाख रुपये तक लिए गए। कुछ लोगों को कथित तौर पर ज्वाइनिंग लेटर भी दिए गए। बाद में दस्तावेजों की जांच कराने पर उनके फर्जी होने की जानकारी सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से अलग-अलग जिलों के लोगों से ठगी कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस आरोपी के भाई की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पिता ने भी लगाए गंभीर आरोप
मामले में पंकज गुप्ता के पिता उदय कुमार गुप्ता ने भी अपने बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने बेटे के कथित ठगी के काम का विरोध किया था। आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई।
पुलिस खंगाल रही शिकायतों का पूरा रिकॉर्ड
धनबाद सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि पंकज गुप्ता के खिलाफ कई लोगों की ओर से आवेदन दिए गए हैं। पुलिस सभी शिकायतों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, राहुल कुमार दास के मामले में पुलिस एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज 53 शिकायतों की जानकारी के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि इन मामलों में उसकी क्या भूमिका रही है और किन-किन लोगों को निशाना बनाया गया।
धनबाद में सामने आए इन दोनों मामलों में पुलिस की जांच अभी जारी है। एक मामले में साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तारी हुई है, जबकि दूसरे मामले में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोपों की जांच की जा रही है।
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