रांची: रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज में नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। कॉलेज ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUGP) पूरा करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक वर्षीय PG प्रोग्राम शुरू किया है। कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह One-Year Postgraduate Programme 2026-27 से लागू किया गया है। अब कॉलेज में PG कोर्स की अवधि दो साल के बजाय एक साल होगी। नए सत्र के विद्यार्थियों के लिए कॉलेज प्रशासन ने संशोधित सिलेबस भी जारी कर दिया है। इसी नए पाठ्यक्रम के आधार पर अब कक्षाएं और आगे की शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
इस बदलाव के बाद नए बैच में दाखिला लेने वाले छात्रों को पढ़ाई से लेकर परीक्षा और असाइनमेंट तक नए पैटर्न के हिसाब से तैयारी करनी होगी। ऐसे में पुराने सिलेबस और पुराने नोट्स के आधार पर तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
एक साल में पूरी करनी होगी मास्टर डिग्री
नई व्यवस्था में PG कोर्स की अवधि घटाकर एक साल कर दी गई है। यानी विद्यार्थियों को अब पहले की तुलना में कम समय में अपना पूरा पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स पूरा करना होगा।
कम अवधि में पाठ्यक्रम पूरा होने के कारण छात्रों के लिए नियमित पढ़ाई और समय पर तैयारी करना पहले से ज्यादा जरूरी हो जाएगा। कक्षाओं के साथ-साथ परीक्षा और असाइनमेंट की तैयारी भी नए शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार करनी होगी।
पुराने नोट्स से तैयारी करने से पहले रखें ध्यान
नए बैच के विद्यार्थियों को पुराने सिलेबस और पुराने नोट्स पर पूरी तरह निर्भर रहने से बचने की सलाह दी गई है। पाठ्यक्रम में बदलाव के बाद पुराने अध्ययन सामग्री में शामिल कुछ हिस्से नए सिलेबस से अलग हो सकते हैं।
इसलिए छात्रों के लिए जरूरी है कि वे अपने संबंधित विभाग से नए सिलेबस की आधिकारिक जानकारी लें और उसी के अनुसार अपनी पढ़ाई की योजना बनाएं।
परीक्षा और असाइनमेंट का पैटर्न भी बदलेगा
कोर्स की अवधि और पाठ्यक्रम में बदलाव का असर परीक्षा और असाइनमेंट की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। नए सत्र में विद्यार्थियों को नए सिलेबस और कॉलेज की ओर से तय की गई व्यवस्था के अनुसार ही परीक्षा और असाइनमेंट की तैयारी करनी होगी।
ऐसे में पुराने बैच के परीक्षा पैटर्न या असाइनमेंट को नए बैच पर सीधे लागू मानना छात्रों के लिए भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है।
छात्रों के लिए क्या है जरूरी?
नए सत्र में PG की पढ़ाई शुरू करने वाले विद्यार्थियों को शुरुआत से ही अपने विभाग से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देना होगा। खास तौर पर नए सिलेबस, कक्षा कार्यक्रम, परीक्षा व्यवस्था और असाइनमेंट से संबंधित निर्देशों को समय पर समझना जरूरी होगा।
एक साल में PG पूरा होने के कारण छात्रों को पूरे कोर्स की पढ़ाई कम समय में पूरी करनी होगी। ऐसे में नियमित कक्षाओं में भाग लेना और शुरुआत से ही पढ़ाई पर फोकस रखना महत्वपूर्ण होगा।
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