Friday, October 2

रांची: झारखंड में अब स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को चुनाव और मतदान की प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाएगी। इसके लिए राज्यभर में 5,000 से अधिक इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) बनाए जा रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर रांची समेत सभी जिलों में क्लब के गठन की तैयारी चल रही है।

इन क्लबों का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को मतदान, मतदाता पंजीकरण, चुनावी प्रक्रिया और मतगणना जैसी जरूरी जानकारियों से परिचित कराना है। चुनाव आयोग के मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों में युवाओं को चुनावी प्रक्रिया की जानकारी देने पर भी जोर दिया जाता है।

स्कूल से विश्वविद्यालय तक बनेगा ELC

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार राज्य में तीन स्तर पर इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब बनाए जाएंगे। इनमें ELC-School, ELC-College और ELC-University शामिल हैं।

स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को क्लब से जोड़ा जाएगा। इनमें भविष्य में मतदाता बनने वाले विद्यार्थी भी शामिल होंगे। वहीं कॉलेज स्तर पर 18 से 21 वर्ष की आयु के विद्यार्थी क्लब में भागीदारी करेंगे।

प्रत्येक ELC में एक कार्यसमिति होगी। इसमें विद्यार्थियों में से एक अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष चुने जाएंगे, जबकि बाकी विद्यार्थी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। क्लब के संचालन की जिम्मेदारी भी विद्यार्थियों की इसी टीम की होगी।

क्विज, ग्रुप डिस्कशन और प्रदर्शनी से समझेंगे चुनाव

ELC में केवल चुनाव से जुड़ी जानकारी देने तक ही गतिविधियां सीमित नहीं रहेंगी। क्लब की कार्यसमिति सालभर के कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेगी। इसके तहत ग्रुप डिस्कशन, क्विज, प्रदर्शनी समेत कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को ECINET, मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया, मतदान करने का तरीका और मतगणना की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। ECI के अनुसार ECINET चुनाव से जुड़ी कई सेवाओं और सूचनाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।

ELC की ओर से आयोजित गतिविधियों की जानकारी ECINET पर भी उपलब्ध कराई जाएगी। बेहतर काम करने वाले क्लबों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने का अवसर मिलेगा।

2 हजार से ज्यादा संस्थानों ने कराया रजिस्ट्रेशन

ELC के गठन की प्रक्रिया को लेकर शैक्षणिक संस्थानों को तेजी से रजिस्ट्रेशन पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक राज्य के 2,000 से अधिक स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय ECINET के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।

किसी संस्थान को सबसे पहले ELC के लिए एक ELC Coordinator नियुक्त करना होगा। इसके बाद छात्रों का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। संबंधित ERO इसकी अनुशंसा करेंगे और अंतिम मंजूरी जिला निर्वाचन पदाधिकारी यानी उपायुक्त स्तर से दी जाएगी।

राज्य में गठित होने वाले सभी ELC की निगरानी के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा।

नवंबर में झारखंड आएंगे CEC ज्ञानेश कुमार

ELC गठन की तैयारियों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नवंबर में झारखंड दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित है। 19 और 20 नवंबर को प्रस्तावित दौरे के दौरान वे करीब 1,000 इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के सदस्यों से संवाद कर सकते हैं। इनमें स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी शामिल होंगे।

इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त के राज्य दौरे के दौरान करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) से संवाद का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है। दौरे को देखते हुए शैक्षणिक संस्थानों में ELC गठन और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।

इस पहल के जरिए चुनाव आयोग की कोशिश युवाओं को केवल मतदाता के तौर पर नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को समझने वाले जागरूक नागरिक के रूप में तैयार करने की है।

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