झारखंड के गिरिडीह से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस हिरासत से एक संगीन मामलों का आरोपी पंचायत मुखिया चकमा देकर फरार हो गया। घर में घुसकर मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और एक महिला को निर्वस्त्र करने जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार आरोपी विनोद साव पुलिस पदाधिकारी को धक्का देकर मौके पर पहले से तैयार बोलेरो में सवार होकर चंपत हो गया। यह सनसनीखेज वारदात गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र के कचहरी परिसर की है। घटना के बाद से ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला और क्या हैं संगीन आरोप?
फरार आरोपी की पहचान स्थानीय पंचायत के मुखिया विनोद साव के रूप में हुई है। विनोद साव के खिलाफ जमुआ थाना के नवडीहा ओपी (OP) में कांड संख्या 218/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज है। आरोप है कि उसने घर में अवैध रूप से घुसकर मारपीट की, पीड़ित परिवार को धमकाया और एक महिला के साथ बर्बरता करते हुए उसे निर्वस्त्र कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नवडीहा ओपी प्रभारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने छापेमारी कर आरोपी विनोद साव को ताराटांड़ इलाके से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद गुरुवार शाम पुलिस टीम कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसे लेकर गिरिडीह पहुँची थी।
अस्पताल से कोर्ट ले जाते समय दिया धक्का, बोलेरो में बैठकर हुआ फरार
गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार आरोपी का मेडिकल चेकअप कराना अनिवार्य था। मामले के अनुसंधानकर्ता (IO) रामकिशोर पाल आरोपी विनोद साव को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले गए। जब अस्पताल में मेडिकल की प्रक्रिया पूरी हो गई, तो पुलिस टीम उसे न्यायाधीश के समक्ष पेश करने के लिए वापस न्यायालय परिसर लेकर आ रही थी। इसी दौरान कचहरी परिसर के समीप विनोद साव ने अचानक अपने साथ चल रहे पुलिस पदाधिकारी को जोरदार धक्का दे दिया। धक्का इतना तेज था कि पुलिस अधिकारी ज़मीन पर गिर पड़े। जब तक पुलिस संभल पाती, विनोद साव तेजी से भागा और कचहरी परिसर में पहले से स्टार्ट खड़ी एक बोलेरो गाड़ी में बैठकर फरार हो गया।
पहले से रची गई थी भागने की साज़िश? पुलिस पीछे-पीछे चल रही थी बोलेरो
पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, विनोद साव की गिरफ्तारी के बाद से ही एक संदिग्ध बोलेरो गाड़ी लगातार पुलिस टीम की गाड़ी का पीछा कर रही थी। पुलिस को आशंका है कि आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने और भगाने की योजना काफी पहले ही बना ली गई थी। जैसे ही आरोपी ने पुलिसकर्मी को धक्का दिया, बोलेरो का दरवाजा खुला और वह उसमें बैठकर रफूचक्कर हो गया। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भागने में इस्तेमाल की गई बोलेरो को जब्त कर लिया है, लेकिन आरोपी विनोद साव अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस गाड़ी के मालिक और उसमें सवार अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी हुई है।
वरिष्ठ अधिकारियों में हड़कंप, छापेमारी अभियान तेज
घटना की सूचना तुरंत अनुसंधानकर्ता रामकिशोर पाल ने नवडीहा ओपी प्रभारी को दी, जिसके बाद जमुआ इंस्पेक्टर प्रदीप दास को मामले की जानकारी दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. बिमल कुमार और खोरीमहुआ के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए गिरिडीह एसपी ने आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के कड़े निर्देश दिए हैं। एसपी के निर्देश के बाद पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो आरोपी के संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल और पुलिस का दावा
जमुआ सर्किल के इंस्पेक्टर प्रदीप दास ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नवडीहा ओपी पुलिस ने मारपीट और महिला से दुर्व्यवहार के मामले में विनोद साव को गिरफ्तार किया था। मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेशी के दौरान वह पुलिसकर्मी को धक्का देकर भागने में सफल रहा। इस घटना ने पुलिस की अभिरक्षा और सुरक्षा इंतजामों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब एक संदिग्ध वाहन लगातार पुलिस का पीछा कर रहा था, तो पुलिस टीम सतर्क क्यों नहीं हुई? फिलहाल, पुलिस का दावा है कि जब्त बोलेरो के जरिए भागने में मदद करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा और फरार मुखिया विनोद साव को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।


