Saturday, October 24

बोकारो: बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) के मुख्य द्वार समेत अन्य गेटों पर धरना-प्रदर्शन के कारण आवागमन बाधित होने के बाद अनुमंडल प्रशासन ने सख्ती बरती है। चास के अनुमंडल दंडाधिकारी प्रांजल ढांडा ने BSL के मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 5 बजे से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

पांच या अधिक लोगों के जुटने पर रोक

प्रशासन के अनुसार, विस्थापित अप्रेंटिस संघ और अन्य संगठनों के प्रदर्शन से संयंत्र में कर्मचारियों, अधिकारियों, संविदा श्रमिकों और आवश्यक सेवाओं के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इससे औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं और विधि-व्यवस्था की स्थिति पैदा हुई।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163(1) के तहत जारी आदेश के अनुसार, मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, भीड़ लगाने और भ्रमण करने पर रोक रहेगी।

हथियार, रैली और धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध

प्रतिबंधित क्षेत्र में आग्नेयास्त्र, लाठी-डंडे, भाला, तलवार, तीर-धनुष और खुदाई के उपकरण ले जाने पर भी रोक लगाई गई है। इस दायरे में जुलूस, रैली, सभा, धरना और प्रदर्शन आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। औद्योगिक कार्य या सार्वजनिक आवागमन को प्रभावित करने वाली गतिविधियां भी प्रतिबंधित रहेंगी।

प्रशासन ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन कराने तथा BSL के मुख्य द्वार पर आवागमन सामान्य बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रतिनियुक्त अधिकारियों और पुलिस बलों को छोड़कर अन्य लोगों के अवांछित प्रवेश और भ्रमण पर भी रोक लगाई गई है।

टू टैंक के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति

अनुमंडल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखना नागरिकों का अधिकार है। प्रशासन को टू टैंक के समीप शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से विरोध-प्रदर्शन किए जाने पर आपत्ति नहीं है।

प्रशासन ने विस्थापित अप्रेंटिस संघ और अन्य संगठनों से BSL के किसी भी द्वार को अवरुद्ध नहीं करने तथा कर्मचारियों, आम नागरिकों और आवश्यक सेवाओं के आवागमन को निर्बाध बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी पक्षों से संयम बरतने और औद्योगिक शांति व विधि-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया है।

Share.
Next Story
मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होने नेमरा पहुंचे हजारों लोग, हेमंत सोरेन खुद संभाल रहे व्यवस्था
Exit mobile version