रांची/गिरिडीह। झारखंड में राधा स्वामी संगठन से जुड़ी कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। गिरिडीह में वाहन, मकान और दूसरी योजनाओं में भारी छूट या सरकारी अनुदान दिलाने का भरोसा देकर लोगों से रकम लेने के आरोप में पुलिस ने संगठन के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष मुकेश सिन्हा, उनकी पत्नी अनीशा सिन्हा समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस की जांच संगठन से जुड़े लोगों, पैसों के लेन-देन और इसके संभावित नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
इस मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, लोगों को कथित तौर पर कम भुगतान में वाहन दिलाने, मकान निर्माण में सहायता, कन्यादान और दूसरी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा दिया जाता था। आरोप है कि इसी तरह अलग-अलग लोगों से रकम जमा कराई गई। बाद में जब वादे के मुताबिक लाभ नहीं मिला तो शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं।
20 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप
गिरिडीह में सामने आए मामले को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में ठगी की रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में 20 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी का दावा किया गया है। हालांकि यह रकम अभी पुलिस जांच का विषय है और अंतिम रूप से कितनी राशि का लेन-देन हुआ, इसका स्पष्ट आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस की कार्रवाई में मुकेश सिन्हा और अनीशा सिन्हा के अलावा सुबोध सिंह और सुमित सिन्हा को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
रांची से क्या है कनेक्शन?
इस पूरे मामले में रांची का नाम भी सामने आ रहा है, लेकिन यहां सावधानी जरूरी है। उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों से अभी यह पुष्ट नहीं है कि रांची में इसी मामले को लेकर 12 लोगों के खिलाफ अलग FIR दर्ज हो चुकी है। सोशल मीडिया पर रांची में संगठन से जुड़े लोगों और कथित लेन-देन को लेकर दावे जरूर सामने आए हैं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुलिस पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
हालांकि, जांच का रांची तक पहुंचना इसलिए महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि मामला सिर्फ गिरिडीह के कुछ लोगों तक सीमित रहने के बजाय संगठन के व्यापक नेटवर्क से जुड़ा होने के आरोपों के बीच सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संगठन के माध्यम से रकम किन-किन इलाकों से जुटाई गई और उसका इस्तेमाल या ट्रांसफर कहां-कहां हुआ।
मुकेश-अनीशा से पुलिस ने की पूछताछ
गिरिडीह पुलिस ने मामले में गिरफ्तार मुकेश सिन्हा और उनकी पत्नी अनीशा सिन्हा को तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने संगठन के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों और संगठन से जुड़े कामकाज के बारे में भी उनसे पूछताछ की। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद दोनों को वापस जेल भेज दिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुकेश सिन्हा वर्ष 2019 के आसपास राधा स्वामी संगठन से जुड़े थे और गिरिडीह के बनखंजो में संगठन का कार्यालय संचालित किया गया। पुलिस अब संगठन के माध्यम से हुए कथित वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
रांची समेत दूसरे जिलों तक पहुंच सकती है जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित योजनाओं के नाम पर कितने लोगों से रकम ली गई, रकम किस माध्यम से जमा हुई और इसमें कितने एजेंट या पदाधिकारी शामिल थे।
फिलहाल रांची में 12 लोगों के खिलाफ FIR की बात आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है, इसलिए इसे तथ्य की तरह प्रकाशित करना उचित नहीं होगा। यदि रांची पुलिस की FIR, केस नंबर या आधिकारिक बयान सामने आता है, तो उसके आधार पर आरोपियों की संख्या, धाराएं और रांची कनेक्शन को स्पष्ट रूप से जोड़ा जा सकता है।
मामले में गिरफ्तार सभी लोगों पर लगे आरोप अभी जांच के अधीन हैं। पुलिस की जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित ठगी का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
