कर्मचारियों ने नियुक्ति, पदोन्नति और सेवा नियमावली बनाने की उठाई मांग; रिम्स प्रशासन ने 31 अक्टूबर तक का मांगा समय, आश्वासन के बाद फिलहाल टला घेराव
रांची: राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में अराजपत्रित कर्मचारी संघ की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर रिम्स प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और प्रशासनिक भवन का घेराव करने की तैयारी की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट नजर आए।

कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी कई मांगें लंबित हैं। इन मांगों में सबसे प्रमुख पुरानी पेंशन व्यवस्था यानी ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू करना है। इसके अलावा कर्मचारियों ने नियुक्ति, पदोन्नति और सेवा से जुड़े अन्य मामलों के लिए स्पष्ट नियमावली बनाने की मांग भी उठाई है।
पुरानी पेंशन लागू करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि पेंशन से जुड़ी व्यवस्था उनके भविष्य की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए सरकार और रिम्स प्रशासन को इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
कर्मचारियों ने कहा कि केवल आश्वासन देने के बजाय उनकी मांगों पर ठोस पहल की जानी चाहिए। उनका कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रशासन के समक्ष आवाज उठाते रहे हैं।
नियुक्ति और पदोन्नति को लेकर भी नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने केवल पेंशन का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि नियुक्ति और पदोन्नति से संबंधित नियमावली बनाने की भी मांग की। कर्मचारियों के मुताबिक सेवा से जुड़े कई मामलों में स्पष्ट नियम नहीं होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कर्मचारियों की मांग है कि रिम्स में कर्मचारियों की नियुक्ति, पदोन्नति और अन्य सेवा शर्तों को लेकर ऐसी नियमावली तैयार की जाए, जिससे प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी हो सके।
प्रशासनिक भवन घेराव की थी तैयारी
अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने रिम्स के प्रशासनिक भवन का घेराव करने की तैयारी की थी। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। स्थिति को देखते हुए रिम्स प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से बातचीत की और मामले को शांत करने का प्रयास किया।
प्रशासन की ओर से कर्मचारियों से कहा गया कि उनकी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा और सरकार के साथ इन मुद्दों पर बातचीत की जाएगी।
31 अक्टूबर तक का समय
बातचीत के दौरान रिम्स प्रशासन ने कर्मचारियों से 31 अक्टूबर तक का समय मांगा। प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया कि कर्मचारियों की मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा और संबंधित मामलों के समाधान के लिए आवश्यक बातचीत की जाएगी।
प्रशासन के इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने फिलहाल अपना आंदोलन आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। कर्मचारियों ने 31 अक्टूबर तक इंतजार करने पर सहमति जताई है।
हालांकि, कर्मचारियों के बीच इस आश्वासन को लेकर पूरी तरह भरोसा नजर नहीं आया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे पहले भी उन्हें कई बार मांगों के समाधान का भरोसा दिया गया है, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
कर्मचारियों को आशंका, फिर न रह जाए सिर्फ आश्वासन
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि वे प्रशासन और सरकार से टकराव नहीं चाहते, बल्कि अपनी लंबित मांगों का समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि अगर 31 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर ठोस पहल होती है, तो वे आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
वहीं, कर्मचारियों को यह आशंका भी है कि इस बार भी उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर मामला टाला जा सकता है। इसलिए उन्होंने साफ किया है कि वे पूरे मामले पर नजर बनाए रखेंगे और तय समय सीमा के बाद सरकार और रिम्स प्रशासन के रुख के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
अब 31 अक्टूबर पर टिकी नजर
फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद रिम्स में प्रस्तावित प्रशासनिक भवन घेराव को टाल दिया गया है। अब कर्मचारियों की नजर 31 अक्टूबर पर है। उस तारीख तक उनकी मांगों को लेकर क्या पहल होती है और सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा।
कर्मचारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के जरिए कर्मचारियों ने अपनी मांगों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचा दिया है।
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