खलारी: खलारी के NK एरिया के रोहिणी खदान परियोजना में लगातार हो रही हैवी ब्लास्टिंग को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग के कारण आसपास के कई घरों में पहले ही दरारें आ चुकी हैं। बुधवार को स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब ब्लास्टिंग के दौरान खदान से उछला पत्थर एक घर की छत पर जा गिरा। पत्थर की वजह से छत की शीट टूट गई और उसके टुकड़े घर के अंदर जा गिरे। घटना के वक्त घर में मौजूद लोग बाल-बाल बच गए।
घटना के बाद ग्रामीणों ने खदान में काम रुकवा दिया। करीब तीन घंटे तक काम बंद रहा। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार ब्लास्टिंग के कारण घरों में दरार आने के साथ-साथ पत्थरों के उछलकर आबादी वाले इलाके तक पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है। उनका आरोप है कि इस संबंध में पहले भी प्रबंधन को जानकारी दी गई, लेकिन ब्लास्टिंग का सिलसिला जारी रहा।
ब्लास्टिंग के साथ ड्रोन उड़ाने का भी विरोध
खदान का काम रुकने के बाद ग्रामीणों और परियोजना प्रबंधन के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान एजीएम सह परियोजना पदाधिकारी दीपक कुमार ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
ग्रामीणों ने ब्लास्टिंग से होने वाले नुकसान के अलावा गांव के आसपास ड्रोन उड़ाए जाने का मुद्दा भी उठाया। गांव में शौचालय की व्यवस्था समेत अन्य स्थानीय समस्याओं को भी अधिकारियों के सामने रखा गया।
क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत का आश्वासन
बातचीत के दौरान परियोजना पदाधिकारी की ओर से ब्लास्टिंग के कारण क्षतिग्रस्त हुए घरों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया गया। साथ ही ग्रामीणों की अन्य समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करने की बात कही गई।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि लगातार ब्लास्टिंग के कारण अगर भविष्य में किसी तरह की बड़ी घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने विरोध समाप्त किया।
इसके बाद शाम करीब छह बजे खदान में काम दोबारा शुरू हुआ। हालांकि, घटना के बाद रोहिणी खदान के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा और लगातार ब्लास्टिंग से घरों को हो रहे नुकसान का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है।
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