Friday, October 2

पलामू: मेदिनीनगर स्थित सेंट्रल जेल में बुधवार को बोर्ड ऑफ विजिटर और डालसा की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर हुए इस निरीक्षण का फोकस जेल में बंदियों को मिल रही सुविधाओं, स्वास्थ्य व्यवस्था और उनके कानूनी अधिकारों की स्थिति जानने पर रहा। प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने जेल के अलग-अलग हिस्सों का जायजा लिया और बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान टीम ने बैरक, महिला वार्ड, मुलाकाती सहायता केंद्र, मेडिकल वार्ड, किचन, स्टोर रूम, लाइब्रेरी, प्रिंटिंग प्रेस और कपड़ा बुनाई केंद्र का जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल की गई।

बिना अधिवक्ता के नहीं रहेगा कोई बंदी

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों से उनके मामलों की पैरवी और अधिवक्ता से जुड़ी जानकारी भी ली। प्रभारी पीडीजे राज कुमार मिश्रा ने कहा कि कोई भी बंदी बिना अधिवक्ता के नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने बताया कि जरूरतमंद बंदियों को डालसा के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जा रहा है। किसी बंदी को कानूनी सहायता या अन्य समस्या होने पर वह जेल पीएलवी के जरिए अपनी शिकायत डालसा तक पहुंचा सकता है।

भोजन से लेकर साफ-सफाई तक की जांच

टीम ने यह भी देखा कि बंदियों को सरकार की ओर से निर्धारित मानक मेनू के अनुसार भोजन मिल रहा है या नहीं। निरीक्षण के दौरान भोजन और जेल की अन्य व्यवस्थाओं को संतोषजनक पाया गया। साफ-सफाई की स्थिति पर भी अधिकारियों ने संतोष जताया।

इसके अलावा टीम ने यह भी जानकारी ली कि बंदियों के साथ किसी तरह का भेदभाव तो नहीं किया जा रहा है और किसी बंदी पर दूसरे बंदी की ओर से डराने-धमकाने का दबाव तो नहीं है। जेल में उपलब्ध पठन-पाठन की किताबों और संगीत वाद्य यंत्रों समेत अन्य सुविधाओं की स्थिति भी देखी गई।

अधिकारियों ने कहा कि बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुसार जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

महिला वार्ड में बच्चों से भी मिले अधिकारी

निरीक्षण के दौरान टीम ने महिला वार्ड का भी दौरा किया और वहां बंद महिला बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। महिला बंदियों के साथ रह रहे छोटे बच्चों को बोर्ड ऑफ विजिटर की टीम ने बिस्किट और टॉफी भी दी।

इस दौरान एक चार वर्षीय बच्चे ने टीम के सामने कविता और अंग्रेजी अल्फाबेट सुनाया। बच्चे के इस प्रदर्शन ने वहां मौजूद अधिकारियों का ध्यान खींचा और माहौल कुछ देर के लिए सहज हो गया।

ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी दानवीर लकड़ा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजेश यादव, डालसा सचिव सौरभ कुमार गौतम, व्यवहार न्यायालय के निबंधक कमल प्रकाश, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ अमिताभ चंद सिंह और डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मौके पर काराधीक्षक प्रभात कुमार, कारापाल देवनाथ राम, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के असिस्टेंट, डालसा असिस्टेंट, पीएलवी, अन्य जेलकर्मी और बड़ी संख्या में बंदी भी मौजूद थे।

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