पश्चिम बंगाल के माओवादी नेटवर्क में उस वक्त खलबली मच गई, जब एक करोड़ रुपये के इनामी असीम मंडल उर्फ ‘आकाश’ के सशस्त्र दस्ता छोड़ने की खबर सामने आई। सूत्रों के अनुसार, आकाश ने अपने दस्ते की कमान छोड़ते हुए उसे औपचारिक रूप से भंग कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, आकाश ने अपने बचे हुए साथियों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की सलाह दी। इसके बाद दस्ते को भंग कर दिया गया। हालांकि, उसके वर्तमान ठिकाने और संगठन से पूरी तरह अलग होने की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
माओवादी शीर्ष नेता किशनजी की मुठभेड़ में मौत के बाद असीम मंडल उर्फ आकाश को पश्चिम बंगाल का चौथा राज्य सचिव बनाया गया था। इसके बाद वह बंगाल में माओवादी संगठन के प्रमुख चेहरों में गिना जाने लगा।
आकाश के दस्ते से अलग होने की खबर के बाद झारखंड और पश्चिम बंगाल की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। उसकी गतिविधियों, संभावित ठिकानों और संपर्कों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
एक करोड़ के इनामी कमांडर का सशस्त्र दस्ता भंग करने का फैसला ऐसे समय सामने आया है, जब सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या आकाश आत्मसमर्पण की राह पर है, या यह संगठन के भीतर बढ़ते दबाव का नतीजा है।
