17 सितंबर को पश्चिमपल्ली स्थित डीवीसी क्वार्टर में हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग, मौके पर माता-पिता की हुई थी मौत; गंभीर रूप से घायल रोहित का 13 दिनों से मेदांता में चल रहा था इलाज

बोकारो/चंद्रपुरा: चंद्रपुरा डीवीसी कॉलोनी के पश्चिमपल्ली में 17 सितंबर को हुए सनसनीखेज गोलीकांड में घायल रोहित सिन्हा की बुधवार तड़के सुबह रांची के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। रोहित पिछले करीब 13 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। उनकी मौत के साथ ही इस गोलीकांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। घटना में रोहित के पिता नरेश सिन्हा और मां रेणु देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी।
घर में घुसकर अपराधियों ने की थी अंधाधुंध फायरिंग
घटना 17 सितंबर की देर शाम विश्वकर्मा पूजा के दिन हुई थी। पश्चिमपल्ली स्थित डीवीसी क्वार्टर संख्या एच/एम-14 में नरेश सिन्हा अपने परिवार के साथ मौजूद थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावर घर में घुसे और अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में 65 वर्षीय नरेश सिन्हा और उनकी पत्नी रेणु देवी गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
फायरिंग में उनका बेटा रोहित सिन्हा भी गंभीर रूप से घायल हुआ था। गोली लगने के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। रोहित को तत्काल इलाज के लिए चंद्रपुरा अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बोकारो जनरल अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची के मेदांता अस्पताल भेजा गया था।
मेदांता अस्पताल में चिकित्सकों की टीम लगातार रोहित के इलाज में जुटी थी। करीब 13 दिनों तक उपचार के बाद बुधवार अलसुबह उनकी मौत हो गई। रोहित की मौत की खबर मिलते ही परिवार और इलाके में शोक का माहौल है।
पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज, हमलावरों की तलाश जारी
घटना के बाद पुलिस ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस की टीम ने गोलीबारी के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर कई बिंदुओं पर जांच शुरू की। चंद्रपुरा और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि वारदात से पहले और बाद में संदिग्ध लोगों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
पुलिस अलग-अलग संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है। आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है और घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों को लेकर सुराग तलाशे जा रहे हैं। हालांकि शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को हमलावरों तक पहुंचने के लिए कोई ठोस सफलता नहीं मिली थी।
अब रोहित सिन्हा की मौत के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस के सामने एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत की इस वारदात का खुलासा करने की चुनौती है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर किन कारणों से परिवार को निशाना बनाया गया और वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी कौन थे।
17 सितंबर की इस घटना ने चंद्रपुरा डीवीसी कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।


