कोलकाता के मोमिनपुर इलाके में जन्माष्टमी का त्योहार लंबे समय से शहर की मिली-जुली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक रहा है, जहां मुस्लिम निवासी भी इस हिंदू त्योहार के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। लेकिन इस साल इस परंपरा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
बीजेपी नेता का विवादित बयान
भारतीय जनता पार्टी के नेता राकेश सिंह ने कहा है कि जन्माष्टमी एक हिंदू त्योहार है और इसका आयोजन इस साल केवल हिंदुओं द्वारा ही किया जाएगा। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (VHP) की विचारधारा का हवाला देते हुए कहा कि धर्म व्यक्ति का होता है और त्योहार भी उसी धर्म के लोगों के होते हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस बयान की भी आलोचना की कि “त्योहार सबके होते हैं।”
‘धार्मिक गतिविधियों की रक्षा करना हमारा फर्ज’: सिंह
जन्माष्टमी आयोजन समिति के अध्यक्ष और चेयरमैन होने का दावा करने वाले सिंह ने कहा कि दूसरे धर्मों के लोग पंडालों में आ सकते हैं, लेकिन धार्मिक गतिविधियों की रक्षा करना उनका कर्तव्य है। यह आयोजन कोलकाता के भूकैलाश रोड और हुसैन शाह रोड के चौराहे पर होता है, जो पोर्ट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
छह दशक पुरानी है आयोजन की परंपरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, किडरपोर समाज कल्याण समिति ने करीब छह दशक पहले इस आयोजन की शुरुआत की थी, जिसमें मुस्लिम समाजसेवी मोहम्मद कासिम भी शामिल थे। बाद में 2011 में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी के बाद मुस्लिम युवाओं के एक समूह ने इसे दोबारा सक्रिय किया। इस आयोजन से जुड़े प्रमुख संरक्षकों में पूर्व मेयर फिरहाद हकीम और तृणमूल नेता मोहम्मद आलम व सिराजुल करीम का नाम शामिल रहा है।
गौरतलब है कि राकेश सिंह इस साल पोर्ट विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब एक हफ्ते पहले ही VHP ने कोलकाता में दुर्गा पूजा आयोजकों को लेकर कुछ दिशा-निर्देश जारी किए थे।
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