झारखंड में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर आदिवासी समाज में उबाल है। इसी कड़ी में 30 अगस्त को रांची के मोराबादी मैदान में आदिवासी एकता महाजुटान रैली बुलाई गई है। रैली की तैयारियों को लेकर केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की और युवा आदिवासी नेता शशि पन्ना ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। अजय तिर्की ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को व्यक्तिगत रूप से रैली में आने का आमंत्रण दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह अचानक उठाया गया कदम नहीं है, बल्कि बीते तीन महीनों से लगातार 24 जिलों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है, जिसका नतीजा 30 अगस्त की इस बड़ी जुटान के रूप में सामने आएगा।
सीटें घटने का डर, आरक्षण बढ़ाने की मांग
वहीं युवा नेता शशि पन्ना ने आदिवासी समाज का रुख साफ करते हुए कहा कि यह आंदोलन परिसीमन के विरोध में नहीं, बल्कि आदिवासी आरक्षित सीटों की सुरक्षा के लिए है। उनका कहना था कि अगर आबादी के आधार पर सीटों का पुनर्गठन हुआ, तो आदिवासी बहुल इलाकों की सीटें घट सकती हैं और यही सबसे बड़ी चिंता की वजह है। उन्होंने साफ मांग रखी कि विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने की स्थिति में एसटी-एससी आरक्षित सीटों में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होनी चाहिए।
केंद्र तक पहुंचेगी आवाज, 24 जिलों से जुटेगा जनसैलाब
पन्ना के मुताबिक, यही सशक्त संदेश केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए मोराबादी मैदान को मंच बनाया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि रैली में सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि राज्यभर के 24 जिलों से लोग शिरकत करेंगे, और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई बड़े आदिवासी चेहरे भी इस मंच पर मौजूद रह सकते हैं। आयोजकों की मानें तो यह रैली आदिवासी अधिकारों की लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
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